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100 से ज्यादा नाबालिगों को तस्करी के जरिए पेरिस भेजा, हुए कई खुलासे

Thu, 27 Apr 2017 02:42 PM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार Updated Thu, 27 Apr 2017 02:42 PM IST
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mumbai crime branch sources says 100 teens may have been sent to Paris through smuggling

मुंबई की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जोकि कई सालों से गैरकानूनी ढंग से नाबालिगों को पेरिस भेज रहा था। बताया जा रहा है कि इस गिरोह का नेटवर्क इतना बढ़ गया था कि इसने तस्करी के जरिेए पिछले 3 सालों में 100 से ज्यादा बच्चों को पेरिस पहुंचा दिया।

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इस गोरखधंधे को चलाने के आरोप में कल्याण के सुनील नंदवाली (53) और नालासोपारा के नारसइया मुंजली (45) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों के फोन को ट्रेस करके उन्हें गिरफ्तार किया। दोनों को 29 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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क्राइम ब्रांच के पास ये केस 20 अप्रैल को आया, जब 4 बच्चों को नकली पहचान पर पेरिस भेजने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने इस आरोप में मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बॉलीवुड कैमरामेन आरीफ फारुखी (38), राजेश पवार और हेयरस्टाइलिस्ट फतेमा फरीद को धर दबोचा। साथ ही उन चारों बच्चों को चाइल्ड रिमांड होम में भेज दिया गया।

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फ्रांस की नागरिकता के लिए छुपते थे बच्चे

mumbai crime branch sources says 100 teens may have been sent to Paris through smuggling

क्राइम ब्रांच ने इससे जुड़े कई खुलासे किए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक 14 से 16 साल के बच्चों को पेरिस रवाना कर दिया जाता था और उनके माता-पिता भी इसमें शामिल हैं। नाबालिग 18 साल की उम्र तक यहां किसी तरह रहते थे ताकि एक समय पर आकर उन्हें फ्रांस की नागरिकता मिल सके।

बताया जा रहा है कि इस गैरकानूनी नेटवर्क की जड़े पंजाब में भी फैली हुई थी। जहां का एक एजेंट आरोपियों की मदद किया करता था।

पुलिस ने बताया कि मध्यमवर्ग से जुड़े परिवार अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ये कदम उठाया करते थे। बच्चों को गुरुद्वारों में छोड़ दिया जाता था और एजेंट्स उनके पासपोर्ट को बर्बाद कर देते थे। पुलिस इन आरोपियों के उन लिंक्स को खंगाल रही है जो पेरिस में इनकी मदद किया करते थे।

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