आतंकी की मौत के विरोध में बंद रहा पुलवामा, मोबाइल, इंटरनेट सेवा बंद रखी गई
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लश्कर के टॉप कमांडर अयूब लल्हारी के मारे जाने के विरोध में गुरुवार को पुलवामा जिले में बंद रहा। वहीं प्रशासन ने अफवाहें न फैलें, इसको देखते हुए जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद रखा था। कड़ी निगरानी के बावजूद भारी संख्या में लोग आतंकी के जनाजे में शामिल हुए। जनाजे के दौरान देश विरोधी और आजादी के नारे भी लगे।
जिले के बांडरपुरा में बुधवार को एक मुठभेड़ के दौरान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ए ट्रिप्पल प्लस कमांडर अयूब लल्हारी सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इसी के विरोध में स्थानीय लोगों ने वीरवार को जिले में बंद का आह्वान किया था। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि जिले में सभी दुकानें, कारोबारी इदारे बंद रहे।
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यहां तक कि सड़कों पर यातायात भी न के बराबर देखने को मिला। इसके अलाव जिले में लगातार दूसरे दिन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप रहीं। बुधवार को मुठभेड़ के दौरान लश्कर कमांडर के मारे जाने के बाद से ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं, ताकि आतंकी के मारे जाने के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलें।
श्रीनगर-बनिहाल रेल सेवा ठप रही
जानकारी के अनुसार आतंकी लल्हारी के पैतृक घर लल्हार, पुलवामा में उसके जनाजे में हजारों की संख्या में लोग शरीक हुए। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि आसपास के गांव से लोग सुबह से ही लल्हार गाव की ओर मार्च करने लगे थे। हालांकि सुरक्षाबलों ने जिले के काकपोरा के सभी प्रवेश स्थल सील कर रखे थ, ताकि लोग जनाजे में न पहुंच सकें, लेकिन लोग सेब के बगीचों और गलियों से होकर वहां पहुंचे।
आतंकी लल्हारी के मारे जाने के बाद हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर-बनिहाल रेल सेवा गुरुवार को स्थगित कर दी गई। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया की दक्षिणी कश्मीर में हिंसा भड़कने की आशंका के चलते रेल सेवा स्थगित करने का फैसला लिया गया।
हालांकि श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक पर सेवाएं जारी रहीं। दक्षिणी कश्मीर में बुधवार को चार दिन के बाद रेल सेवाएं शुरू की गई थीं, क्योंकि गत रविवार को शोपियां जिले में एक मुठभेड़ में हिज्ब के तीन आतंकी मार गिराए गए थे, जिसके बाद से रेल प्रबंधन ने हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए रेल सेवा बंद रखी थी।