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आतंकी अबु दुजाना का अंतिम फोन कॉल, मां के बारे में बोली खतरनाक बात
एजेंसी
Updated Thu, 03 Aug 2017 06:16 PM IST
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अबु दुजाना
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लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबु दुजाना के अंतिम फोन कॉल का आडियो वायरल हो गया है, जिसमें उसे मां के बारे में काफी खतरनाक बात कही है।
गौर हो कि अबु ने आत्मसमर्पण करने के सेना के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ से कुछ मिनट पहले सेना के एक अधिकारी ने एक स्थानीय नागरिक के जरिये दुजाना को समर्पण करने का संदेश भिजवाया था। उसी नागरिक ने दुजाना की उक्त अधिकारी से फोन पर बात करवाई।
सेना के अधिकारी ने जब उससे हथियार डालने के लिए कहा तो दुजाना ने जवाब दिया, ‘मैंने अपने मां-बाप को जिहाद के लिए छोड़ा। मेरे लिए वे उसी दिन मर गए थे। अब मैं क्या करूं। जिसको गेम खेलना है वह खेले। कभी हम आगे, कभी आप। आज आपने पकड़ लिया। मुबारक हो।’
बातचीत की शुरुआत औपचारिक लहजे में होती है। यहां दुजाना की बेपरवाही साफ झलकती है जैसे अपने अंजाम के बारे में उसे पहले से पता हो।
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गौर हो कि अबु ने आत्मसमर्पण करने के सेना के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ से कुछ मिनट पहले सेना के एक अधिकारी ने एक स्थानीय नागरिक के जरिये दुजाना को समर्पण करने का संदेश भिजवाया था। उसी नागरिक ने दुजाना की उक्त अधिकारी से फोन पर बात करवाई।
सेना के अधिकारी ने जब उससे हथियार डालने के लिए कहा तो दुजाना ने जवाब दिया, ‘मैंने अपने मां-बाप को जिहाद के लिए छोड़ा। मेरे लिए वे उसी दिन मर गए थे। अब मैं क्या करूं। जिसको गेम खेलना है वह खेले। कभी हम आगे, कभी आप। आज आपने पकड़ लिया। मुबारक हो।’
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बातचीत की शुरुआत औपचारिक लहजे में होती है। यहां दुजाना की बेपरवाही साफ झलकती है जैसे अपने अंजाम के बारे में उसे पहले से पता हो।
सेना के अधिकारी से बातचीत के दौरान बोला था दुजाना
फाइल
दुजाना: ‘क्या हाल हैं। मैंने कहा क्या हाल हैं?’
अधिकारी: ‘हमारा हाल छोड़ दुजाना। तुम सरेंडर क्यों नहीं कर देते। तुम जो कर रहे हो, वह ठीक नहीं है। तुम पाकिस्तान के हाथ में खेल रहे हो।’
दुजाना: सरेंडर नहीं कर सकता। जो मेरी किस्मत में लिखा है, अल्लाह वही करेगा। मैं जानता हूं कि आपकी मुझसे दुश्मनी नहीं है। आप अपनी ड्यूटी निभा रहे हो और मैं अपनी।
अधिकारी: हम खून-खराबा नहीं चाहते हैं। ईश्वर भी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता है। अल्लाह सबसे लिए एक है।
दुजाना: अगर अल्लाह सबसे लिए एक है तो आइए हमसे घर के अंदर मिलिए।
इसके बाद की बातचीत में सैन्य अधिकारी बार-बार दुजाना को समझाने की कोशिश करता है कि वह युवाओं को आतंकी बनाना छोड़ दे। इस बीच, अचानक फोन कट जाता है और बातचीत खत्म हो जाती है।
अधिकारी: ‘हमारा हाल छोड़ दुजाना। तुम सरेंडर क्यों नहीं कर देते। तुम जो कर रहे हो, वह ठीक नहीं है। तुम पाकिस्तान के हाथ में खेल रहे हो।’
दुजाना: सरेंडर नहीं कर सकता। जो मेरी किस्मत में लिखा है, अल्लाह वही करेगा। मैं जानता हूं कि आपकी मुझसे दुश्मनी नहीं है। आप अपनी ड्यूटी निभा रहे हो और मैं अपनी।
अधिकारी: हम खून-खराबा नहीं चाहते हैं। ईश्वर भी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता है। अल्लाह सबसे लिए एक है।
दुजाना: अगर अल्लाह सबसे लिए एक है तो आइए हमसे घर के अंदर मिलिए।
इसके बाद की बातचीत में सैन्य अधिकारी बार-बार दुजाना को समझाने की कोशिश करता है कि वह युवाओं को आतंकी बनाना छोड़ दे। इस बीच, अचानक फोन कट जाता है और बातचीत खत्म हो जाती है।