Success Story: 21 साल की उम्र में बने लेफ्टिनेंट, माता-पिता को है बेटे पर गर्व
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17 साल की उम्र में एनडीए एग्जाम पास करने वाले आदित्य नागल की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले आदित्य नागल के माता पिता अध्यापक हैं। उनके माता-पिता ने 4 साल तक सिकंदराबाद में लेफ्टिनेंट का प्रशिक्षण दिलाया जिसके बाद आदित्य केवल 21 साल की उम्र में 9 दिसंबर को सेना में लेफ्टिनेंट बन गए।
खास बात यह कि पूरे देश से इस बैच में 139 युवाओं का चयन हुआ था। इसमें से आदित्य राजस्थान से एकमात्र लेफ्टिनेंट थे। आदित्य 12वीं कक्षा तक शहर के एक निजी स्कूल में अध्ययन करने के बाद एनडीए की परीक्षा देने के लिए अपनी बहन उर्वशी के पास दिल्ली चले गए।
उनकी बहन रक्षा मंत्रालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थी। बहन के निर्देशन में आदित्य ने सिर्फ 15 दिन में एनडीए की परीक्षा को पास कर लिया। जिसके बाद उर्वशी ने इस्तीफा देकर इनकम टैक्स ऑफिसर बन गईं।
रक्षा मंत्रालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत उर्वशी ने अपने छोटे भाई आदित्य के सेना के प्रति जज्बे को देखते हुए दिल्ली बुलाकर दिन रात तैयारी कराई। साथ ही कई ऑफिसर से भी मिलाया, ताकि भाई का हौंसला बढ़ सके। इसके बाद भाई ने भी अपनी बहन के सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की।
आदित्य का जब एनडीए में चयन हुआ तो वो मात्र 17 साल का था। इसके बाद उसको चार साल तक सिकंदराबाद बिहार के गया में प्रशिक्षण कराया गया। प्रशिक्षण के बाद मात्र 21 साल की उम्र में लेफ्टिनेंट बन गया। इसके बाद देश सेवा के जज्बे को देखते हुए उन्होंने बेटे को सहर्ष सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। माता-पिता को भी अब अपने बेटे पर गर्व है कि उनका बेटा देश सेवा में आगे अाया।
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