{"_id":"594073f1866419795d8b486f","slug":"30-000-paramilitary-personnel-to-guard-amarnath-yatra-routes","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ यात्रा के रूटों पर तैनात होंगे 30 हजार अर्द्धसैनिक जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ यात्रा के रूटों पर तैनात होंगे 30 हजार अर्द्धसैनिक जवान
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Jun 2017 06:01 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा लगभग 30 हजार जवानों की तैनाती की जाएगी। तीर्थ यात्रा के दौरान सुरक्षा बलों को दो रूटों पर तैनात किया जाएगा।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। स्थानीय पुलिस बल के अलावा वहां पर लगभग 30 हजार अर्द्धसैनिक बलों को लगाया जाएगा। इस तीर्थयात्रा की शुरुआत 29 जून को होगी और यह 7 अगस्त तक समाप्त होगी।
यह तीर्थस्थल हिमालय पर 12,756 फुट की ऊंचाई पर स्थित है जो कि श्रीनगर से 141 किमी दूर है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड हर साल इस तीर्थयात्रा का आयोजन करता है। उसने तीर्थयात्रियों के लिए एक दिशानिर्देश जारी किए हैं जिसमें 14 हजार फुट की ऊंचाई पर ट्रेक से जाना भी शामिल है।
विज्ञापन
जो लोग ट्रेक से धार्मिक स्थल जाना चाहते हैं उन्हें एक प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य है। इसमें कहा गया है कि 13 से कम उम्र वाले और 75 से अधिक उम्र वालों को तीर्थयात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं है।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। स्थानीय पुलिस बल के अलावा वहां पर लगभग 30 हजार अर्द्धसैनिक बलों को लगाया जाएगा। इस तीर्थयात्रा की शुरुआत 29 जून को होगी और यह 7 अगस्त तक समाप्त होगी।
विज्ञापन
यह तीर्थस्थल हिमालय पर 12,756 फुट की ऊंचाई पर स्थित है जो कि श्रीनगर से 141 किमी दूर है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड हर साल इस तीर्थयात्रा का आयोजन करता है। उसने तीर्थयात्रियों के लिए एक दिशानिर्देश जारी किए हैं जिसमें 14 हजार फुट की ऊंचाई पर ट्रेक से जाना भी शामिल है।
विज्ञापन
जो लोग ट्रेक से धार्मिक स्थल जाना चाहते हैं उन्हें एक प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य है। इसमें कहा गया है कि 13 से कम उम्र वाले और 75 से अधिक उम्र वालों को तीर्थयात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं है।