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Nuclear Energy: डॉ. अनिल काकोडकर बोले- नेट-जीरो में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकती है परमाणु ऊर्जा

Thu, 29 Feb 2024 12:51 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 29 Feb 2024 12:51 PM IST
सार

डॉ. अनिल काकोडकर ने मुंबई के नेहरू सेंटर में डॉ. अरुण नायक, डॉ. सम्यक मुनोत और एमेरेट्स प्रोफेसर जेष्ठराज बी. जोशी द्वारा लिखी पुस्तक क्लाइमेट चेंज, ऊर्जा विकल्प और न्यूक्लियर पॉवर की भूमिका पुस्तक का विमोचन किया...

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Nuclear Energy: Dr. Anil Kakodkar said – Nuclear energy can make a valuable contribution to Net-Zero
Dr anil kakodkar - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल काकोडकर ने कहा है कि वर्ष 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को कम करके परमाणु ऊर्जा नेट-जीरो में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकती है। बुधवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर क्लाइमेट चेंज और न्यूक्लियर पॉवर की भूमिका पर आधारित पुस्तक का विमोचन करते हुए डॉ. अनिल काकोडकर ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में परमाणु ऊर्जा से बनने वाली बिजली स्वच्छ, हरित और किफायती विकल्प साबित हो सकती है।

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डॉ. अनिल काकोडकर ने मुंबई के नेहरू सेंटर में डॉ. अरुण नायक, डॉ. सम्यक मुनोत और एमेरेट्स प्रोफेसर जेष्ठराज बी. जोशी द्वारा लिखी पुस्तक क्लाइमेट चेंज, ऊर्जा विकल्प और न्यूक्लियर पॉवर की भूमिका पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर ऊर्जा के स्वच्छ, हरित और सुरक्षित विकल्पों की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है। खासतौर से विश्व में ग्लोबल वार्मिंग के चलते वातावरण में प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में परमाणु ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है। पुस्तक में यह बताने का प्रयास किया गया है कि क्लाइमेट चेंज के प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणाम और परमाणु ऊर्जा के रूप में बिद्युत किस तरह स्वच्छ और सुरक्षित विकल्प हो सकती है।

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परमाणु विभाग में प्रमुख (एनसीपीडब्ल्यू) और लेखक डॉ. अरुण नायक ने आने वाले समय में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपने जीवनकाल को पूरा कर चुके कोयले पर आधारित विद्युत संयंत्रों के स्थान पर छोटे और मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टरों की स्थापना और उसकी भूमिका पर चर्चा की। वहीं, पुस्तक के सहलेखक एवं एचबीएनआई के एमेरिट्स प्रोफेसर जेष्ठराज बी. जोशी ने इस पर प्रकाश ड़ाला कि किस तरह से आज विश्व स्तर पर भारत स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत विश्व के प्रमुख विकसित देशों के पायदान पर अग्रणी होगा।

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पुस्तक के युवा लेखक डॉ. सम्यक ने बताया कि आने वाले समय में देश की युवा पीढ़ी किस तरह से एक बेहतर विकल्प के रूप में देखेगी और इसके विकास में अपना योगदान देगी। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. ए.के. मोहंती, बीएआरसी के निदेशक डॉ. विवेक भसीन और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत ने अपने संदेश के जरिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। वही, कार्यक्रम में ईआरबी के पूर्व अध्यक्ष एस एस बजाज, आईसीटी, मुंबई के एमिरेट्स प्रो. एमएम शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोग उपस्थित थे।

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