अब यूपी-बिहार के लोगों को महाराष्ट्र में आसानी से नहीं मिलेगी नौकरी
- ठाकरे सरकार में होगा प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण
- 60 हजार उद्योग शुरू, जिनमें 15 लाख मजदूर काम पर लगे
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कोरोना संक्रमण के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार स्थनांतरित हुए प्रवासी श्रमिकों को अब महाराष्ट्र में आसानी से नौकरी नहीं मिलेगी। हालांकि ठाकरे सरकार के कार्यकाल में दूसरे राज्यों के श्रमिकों के महाराष्ट्र आने पर कोई रोकटोक नहीं होगी। लेकिन अब जो भी प्रवासी श्रमिक मुंबई या महाराष्ट्र में नौकरी के लिए आएंगे उनका बकायदा पंजीकरण होगा।
महाराष्ट्र के उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने कहा है कि अब दूसरे राज्यों से जो भी श्रमिक आएंगे उनका स्वागत है। लेकिन यहां आने पर उन सभी का पंजीकरण होगा। दूसरे राज्यों के श्रमिकों का पंजीकरण एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
इससे यह भी पता चल सकेगा कि राज्य में कितने परप्रांतीय हैं। देसाई ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते उद्योगजगत संकट में है। राज्य के उद्योग को इस संकट से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
सूबे में अब तक 60 हजार उद्योग शुरू हो चुके हैं, जिनमें 15 लाख मजदूर काम पर लग चुके हैं। लेकिन कई कंपनियों में मजदूरों की कमीं के चलते काम नहीं हो पा रहा है।
जून आखिर तक कार्यान्वित हो जाएगा इंडस्ट्रियल लेबर ब्यूरो
सुभाष देसाई ने कहा कि कोरोना संकट के चलते परप्रांतीय श्रमिकों के चले जाने से महाराष्ट्र की कंपनियों में मजदूरों की कमीं हो गई है। राज्य सरकार की ओर से स्थानीय भूमिपुत्रों को इस सुनहरे अवसर का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके मद्देनजर औद्योगिक कामगार ब्यूरो का गठन भी किया जा रहा है, जो इस महीने के अंतिम सप्ताह तक कार्यान्वित हो जाएगा। लेबर ब्यूरो के लिए एक वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है जिसके जरिए कुशल और अकुशल युवा अपना पंजीयन करवा सकते है। इससे युवाओं को कंपनियों में नौकरी दी जा सकेगी।