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मुंबईः कोरोना ने तोड़ा बीएमसी की तिजोरी का ताला, सावधि जमा से निकाले 900 करोड़ रुपये

Sat, 19 Sep 2020 07:26 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 19 Sep 2020 07:26 PM IST
सार

कोरोना संकट एवं लॉकडाउन के कारण लोगों ने टैक्स नहीं जमा किया। बीएमसी को प्रॉपर्टी टैक्स से जिस आय की उम्मीद थी वह नहीं पूरी हो सकी। इसके कारण कोरोना महामारी से निपटने के लिए बीएमसी को अपने सावधि जमाराशि से पैसा निकलना पड़ा है...

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Mumbai: Due to coronavirus BMC withdraws Rs 900 crore from fixed deposits
bmc - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

वैश्विक महामारी कोरोना ने एशिया की वैभवशाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को भी भारी आर्थिक संकट में डाल दिया है। कोरोना से निपटने के लिए बीएमसी को अपनी जमापूंजी (सावधि जमा) में से भी सैकड़ों करोड़ रुपए निकालने पड़े हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक रूप से बेहद मजबूत मुंबई महानगरपालिका की आय में कमी आ गई है।

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कोरोना संकट एवं लॉकडाउन के कारण लोगों ने टैक्स नहीं जमा किया। बीएमसी को प्रॉपर्टी टैक्स से जिस आय की उम्मीद थी वह नहीं पूरी हो सकी। इसके कारण कोरोना महामारी से निपटने के लिए बीएमसी को अपने सावधि जमाराशि से पैसा निकलना पड़ा है। अधिकारी ने बताया कि कोरोना संकट से निकलने के लिए बीएमसी अब तक 1300 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इसमें 900 करोड़ रुपये आकस्मिक निधि से खर्च किए गए हैं। जबकि करीब 400 करोड़ रुपये फिक्स डिपॉजिट से निकाल कर खर्च किए गए हैं।

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विभिन्न बैंकों में जमा है बीएमसी के 70 हजार करोड़

बीएमसी का विभिन्न बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपये डिपॉजिट है। डिपॉजिट पर ब्याजदर कम होने से बीएमसी को 1400 करोड़ रुपये कम मिल रहे हैं। हालांकि कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार ने भी 1000 करोड़ रुपये बीएमसी को दिए हैं जो खर्च किए जा रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए तत्कालीन बीएमसी आयुक्त प्रवीण परदेशी ने भी विकास कार्यों के लिए फिक्स डिपॉजिट तोड़ने की बात कही थी, जिस पर विपक्षी दलों ने काफी हंगामा किया था।

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प्रॉपर्टी टैक्स की कम वसूली से घटा राजस्व

बीएमसी के लिए प्रॉपर्टी टैक्स राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है। बीएमसी मुंबई में चार लाख प्रॉपर्टी मालिकों से संपत्ति कर के रूप में हर साल 5,500 करोड़ रुपये जमा करती है। बीएमसी ने मार्च 2020 तक 3500 से 4000 करोड़ रुपये के बीच प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया था। जो कि अनुमान से करीब 1500 करोड़ रुपये कम था। 25 मार्च से लॉक डाउन लगने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स वसूली लगभग थम गई थी।


बीएमसी में नेता विपक्ष, रवि राजा का कहना है कि हमें सूचना दी गई है कि कोरोना से निपटने के लिए बीएमसी ने 400 करोड़ रुपये की परिपक्व सावधि जमा तोड़ी है। हमें बताया गया है कि एफडी तोड़ने की राशि एक हजार करोड़ रुपये तक हो सकती है। हमें आशंका है कि इस साल दिसंबर तक बीएमसी का राजस्व घाटा 9500 करोड़ तक बढ़ सकता है।


वहीं, रईस शेख (सपा गुट नेता, बीएमसी) का कहना है कि बीएमसी प्रशासन एवं सत्ताधारी दल शिवसेना ने कोरोना संकट के दौरान गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है। मनमाना टेंडर पास कर रहे हैं और एफडी तोड़ रहे हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिवसेना की है। शिवसेना किसी भी चीज की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है, लेकिन काम सब अपने मन की करेगी।

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