महाराष्ट्रः ठाकरे सरकार ने बंद की मीसा बंदियों की पेंशन
देश में आपातकाल लागू होने के बाद 1975 से 1977 के बीच विपक्ष के नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। उनमें ज्यादातर आरएसएस या भाजपा के लोग थे। सूबे में ऐसे 3267 परिवारों को पेंशन दी जा रही थी...
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महाराष्ट्र में मीसा बंदियों के लिए शुरू की गई पेंशन योजना उद्धव ठाकरे सरकार ने बंद कर दी है। यह पेंशन योजना देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में शुरू हुई थी। इस योजना में आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले परिवारों को पांच हजार से लेकर दस हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। मीसा बंदियों को पेंशन बंद करने के फैसले पर विपक्षी दल भाजपा ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
दरअसल, महाविकास आघाड़ी सरकार में हिस्सेदार कांग्रेस शुरू से ही मीसाबंदियों को पेशन बंद करने की मांग कर रही थी। कोरोना संकट में सरकार को खर्च में कटौती के बहाने पेंशन योजना पर कैंची चलाने का मौका मिल गया। सरकार की ओर से कहा गया है कि कोरोना महामारी में जारी लॉकडाउन के चलते सरकार की तिजोरी पर असर को देखते हुए पेंशन बंद करने का फैसला किया गया है।
फडणवीस सरकार ने पेंशन के लिए पात्र लोगों के लिए 29 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष निधि का प्रावधान किया था।
सूबे में 3267 लोगों को मिल रही थी पेंशन
देश में आपातकाल लागू होने के बाद 1975 से 1977 के बीच विपक्ष के नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। उनमें ज्यादातर आरएसएस या भाजपा के लोग थे। सूबे में ऐसे 3267 परिवारों को पेंशन दी जा रही थी। एक माह से ज्यादा जेल में रहने वाले परिवारों को 10 हजार और उनके पश्चात उनकी पत्नी को 5 हजार प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी।
दूसरा, वे लोग जिन्होंने एक महीने से कम जेल में वक्त बिताया है उन्हें प्रतिमाह पांच हजार और उनके बाद उनकी पत्नी को ढाई हजार रुपये पेशन दिया जाता था। मीसा के तहत जेल जाने वालों के शपथपत्र पर जिलाधिकारी की ओर से पेंशन तय की जाती थी।
सोनिया गांधी के नाम पर शपथ लेने वालों और क्या उम्मीद कर सकते हैं- शेलार
मीसाबंदियों को पेंशन बंद करने पर भाजपा विधायक व पूर्वमंत्री आशिष शेलार ने सरकार पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि तीन दलों की सरकार चलाने के लिए जिन लोगों ने सोनिया गांधी के नाम पर शपथ ली है उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है। शेलार ने कहा कि जिन्हें पेंशन मिल रही थी उनमें बहुसंख्यक लोग मराठी थे। सरकार के सामने सवाल निधि का नहीं सिद्धांत का है।
ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने किया था पेंशन योजना का विरोध
महाराष्ट्र में तीन दलों की महाविकास आघाड़ी सरकार के गठन के बाद से ही कांग्रेस की ओर से मीसा बंदियों को पेंशन बंद करने की मांग की जा रही थी। कांग्रेस के नेता व ऊर्जा मंत्री नितिन राउत पेंशन बंद करने के लिए सबसे ज्यादा मुखर थे। राउत ने इस संबंध में विधि व न्याय विभाग से अभिप्राय मंगाया था। उसके बाद वह खुले तौर पर पेंशन योजना बंद करने की मांग कर रहे थे।