मुश्किल में फडणवीस, फोन टैपिंग मामले में जांच के लिए गठित हुई समिति
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महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार ने फोन टेप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को घेरना शुरू कर दिया है। सरकार ने समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। सोमवार को गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि फोन टेप मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है, जो छह सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।
सरकार के इस कदम से पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस की अड़चन बढ़ सकती है। देशमुख ने कहा कि अक्तूबर में हुए विधानसभा चुनाव और उसके पहले कांग्रेस-एनसीपी सहित शिवसेना के बड़े नेताओं के फोन टेप किए गए थे। इसके लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया था। इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) श्रीकांत सिंह और खुफिया विभाग के संयुक्त आयुक्त अमितेश कुमार की दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। देशमुख ने बताया कि जरूरत पड़ने पर समिति को तकनीकी विशेषज्ञ भी मुहैया कराए जाएंगे। समिति के अधिकारी विभिन्न टेलिकॉम कंपनियों से भी बातचीत करेंगे।
जांच में जो भी अधिकारी फोन टेपिंग की गलत प्रक्रिया में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक फडणवीस सरकार के कार्यकाल में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत आदि के फोन टेप किए गए थे।
इजराइल से लाए थे साफ्टवेयर
गृहमंत्री देशमुख ने बताया कि विपक्षी नेताओं के फोन टेप करने के लिए इजराइल से साफ्टवेयर लाया गया था। चुनाव में राजनीतिक फायदे के लिए फोन टेप किए गए। इसके लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों को इजराइल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि इस जांच से पता चलेगा कि वह कौन-कौन अधिकारी थे जो इजराइल गए थे।