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प्रवासी मजदूरों के कोरोना टेस्ट के बाद ही घर वापसी को लेकर आपस में भिड़ीं महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें

Mon, 04 May 2020 07:12 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 04 May 2020 07:12 PM IST
सार

  • यूपी सरकार की शर्त, प्रवासियों का कोविड टेस्ट कराकर भेजें 
  • महाराष्ट्र के मंत्री बोले, महां में यूपी के 30 लाख लोग, टेस्टिंग में लग जाएंगे साल

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Maharashtra and Uttar Pradesh government quarrelled over migrant laborers coronavirus test
श्रमिक ट्रेन लौटते मजदूर - फोटो : पीटीआई (सांकेतिक)

विस्तार

कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच ठन गई है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेन महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश रवाना हो चुकी हैं।

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अब योगी की सरकार ने महाराष्ट्र की सरकार से स्पष्ट कह दिया है कि प्रवासी मजदूरों को कोविड-19 टेस्ट कराने के बाद ही यहां भेजे, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने ऐसा करने से इंकार कर दिया है।
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सोमवार को महाराष्ट्र के पुलिस अधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त और रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में भेज गए प्रवासियों को लेकर बातचीत हुई।
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सूत्रों के अनुसार यूपी के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने बिना पर्याप्त जांच के प्रवासियों को ट्रेन में बैठाकर रवाना कर दिया। इसलिए जिन प्रवासियों को भेजें उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही भेजें।

दूसरे राज्य अनुमति दें तो निजी वाहनों को भी पास

महाराष्ट्र में कोराना वायरस को लेकर गठित कंट्रोल रूम के प्रभारी प्रमुख सचिव भूषण गगराणी ने सोमवार को जूम एप पर वरिष्ठ पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दूसरे राज्य यदि अनुमति दें तो निजी वाहनों को भी पास जारी किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि फिलहाल, दिक्कत उत्तर प्रदेश से है। राजस्थान सरकार ने निजी वाहनों से उनके राज्य के लोगों को आने की अनुमति दी है। गगराणी ने बताया कि यहां से अभी तक 35 हजार मजदूर दूसरे राज्यों में जा चुके हैं।

फिलहाल, मुंबई से यूपी के लिए ट्रेन चलने की योजना नहीं है। लेकिन, भविष्य की तैयारी में मद्देनजर लोगों से फार्म जमा कराए जा रहे हैं।

अड़चन पैदा कर रही है यूपी सरकार- नवाब मलिक

महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रवासी मजदूरों को वहां जाने में अड़चन पैदा कर रही है। दूसरे राज्यों के यहां जितने प्रवासी मजदूर हैं, महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें भेजने की तैयारी की है।

लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें लेने में आनाकानी कर रही है। यूपी सरकार की शर्त है कि कोविड टेस्ट कराकर भेजें। महाराष्ट्र में यूपी के करीब 30 लाख लोग रहते हैं। इतने लोगों का टेस्ट कराने में सालों लग जाएंगे। हमें लगता है कि यूपी की योगी सरकार इन लोगों को लेना नहीं चाहती इसलिए अड़चन पैदा कर रही है।

यूपी के मंत्री ने की चाचा को भेजने की सिफारिश

महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि एक तरफ यूपी सरकार ने प्रवासियों को वहां जाने में अड़ंगा डाल रही है। वहीं, लखनऊ से एक मंत्री ने मुझे फोन किया और कहा कि मुंबई से मेरे चाचा को भिजवा दीजिए। मैंने कहा, पहले राज्य सरकार और डीएम से तो परमीशन दिलवाइये। इस पर मंत्री के चाचा ने तपाक से कहा कि अरे उ का परमीशन देवइ हैं।

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