Coronavirus: मुंबई की झुग्गी-बस्तियों में कोरोना फैलने से मचा हाहाकार, अजित पवार ने दी चेतावनी
- मुंबई से दिल्ली गए तब्लीगी जमात के लोगों ने बढ़ाई चिंता
- धारावी में 9 लाख लोगों की जांची गई ती मेडिकल
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- अजित पवार बोले, जो घर में नहीं रुक रहे, वे अस्पताल में जरूर नजर आएंगे
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खतरनाक कोरोना वायरस अब मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में भी फैलने लगा है। वहीं, गुरुवार को मुंबई में 57 नए मरीज सामने आए, जिससे हाहाकार मच गया है। एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी कही जाने वाली धारावी में कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत से इससे निपटने की चुनौती बढ़ गई है।
इस बीच गुरुवार को धारावी में एक और 52 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। दिल्ली में तब्दीली जमात से लौटे लोगों ने यहां की चिंता बढ़ा दी है। यह भी खबरें हैं कि निजामुद्दीन मरकज में मुंबई से तकरीबन 1400 लोग आए थे।
धारावी में बुधवार को 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद इलाके के बालिगा नगर परिसर को सील कर दिया है। परिसर के कई लोगों को क्वारंटीन कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। धारावी में कोरोना वायरस संक्रमित एक व्यक्ति की मौत के दूसरे दिन गुरुवार को एक और संक्रमित सामने आया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना संक्रमित दूसरा मरीज सफाईकर्मी है।
वह रोज धारावी की स्लम बस्ती को सैनिटाइज करने आता था। उसकी हालत स्थिर बताई गई है, लेकिन एहतियातन उसके परिवार सहित व्यक्ति के संपर्क में रहे 23 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। धारावी में कोरोना वायरस का प्रसार न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास के जा रहे हैं। गुरुवार सुबह से ही इलाके को सेनेटाइज करने की युद्धस्तर पर कोशिश शुरू की गई है।
बालिगा नगर में 300 फ्लैट और 90 दुकाने सील की गई हैं। लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है। वहीं, पुलिस फोर्स भी तैनात किया गया है।
धारावी में 9 लाख लोगों की जांची गई ती मेडिकल हिस्ट्री
बीएमसी के जनसंपर्क अधिकारी विजय खबाले पाटिल ने बताया कि धारावी में कोरोना वायरस का संक्रमण चिंता की बात है। पिछले हफ्ते सर्वे के साथ ही 9 लाख लोगों की मेडिकल हिस्ट्री जांची गई थी। इसके अलावा 90 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि उस समय सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। चिंता की बात यह है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह कभी विदेश नहीं गया था।
महाराष्ट्र से दिल्ली गए थे तब्लीगी जमात के 1400 लोग
देश की आर्थिक राजधानी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी मरकज के कार्यक्रम में महाराष्ट्र से 1400 लोग शामिल हुए थे। गुरुवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस टेस्टिंग के लिए मरकज से लौटे लोगों का सैंपल लिया जाएगा। सरकार लगातार इन पर निगरानी बनाए हुए है।
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के आयोजन में शामिल हुए लोगों को होम क्वारंटीन (एकांतवास) में रखने का काम शुरू है। टोपे ने बताया कि इनमें पुणे, मुंबई, अहमदनगर, नागपुर, ठाणे, पिंपरी-चिंचवड़, हिंगोली और सातारा के लोग शामिल थे।
जो घर में नहीं रुक रहे, वे अस्पताल में जरूर नजर आएंगे- अजित पवार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने लॉक डाउन के नियमों का पालन नहीं करने वालों को एक बार फिर से चेताया है। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी घर में नहीं रूक रहे हैं वे लोग अस्पताल में जरूर नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भी जाना पड़ेगा। बुधवार से इसकी शुरुआत हो चुकी है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए होम क्वारंटीन और अस्पताल क्वारंटीन, दो विकल्प हैं। इसलिए कोरोना वायरस की बीमारी से अस्पताल में क्वारंटीन होने की बजाय नागरिक स्वेच्छा से होम क्वारंटीन होकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गैर जिम्मेदार लोगों के कारण कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बाजार में सब्जी खरीदने की हो रही भीड़ के कारण लोगों के घरों में कोरोना पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है।
अस्पताल न खोने वाले निजी डाक्टरों के खिलाफ होगी कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की अपील के बाद निजी डॉक्टरों ने दवाखाना और अस्पताल शुरू किया है लेकिन अस्पताल शुरू नहीं करने वाले निजी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अनाज, खाद्य तेल, दूध, सब्जी, दवाई और ईंधन का भरपूर भंडारण है। राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कभी नहीं रोकी जाएगी।