मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का एलान, यूपी के प्रवासियों के लिए अब मुंबई से भी चलेगी ट्रेनें
- प्रवासियों को मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने से भी मिली छूट
- ट्रेन छूटने से कुछ समय पहले ही प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी
- प्रवासी मजदूर पैदल तो कुछ लोग निजी गाड़ियों से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना
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कोरोना महामारी में जारी लॉकडाउन के बीच प्रवासियों को लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच जारी गतिरोध समाप्त होता दिख रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब मुंबई से भी उत्तर प्रदेश के लिए ट्रेनें चलाई जाएगी।
वहीं, प्रवासियों को मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने से भी छूट दे दी गई है। अब ट्रेन छूटने से कुछ समय पहले ही सूचीबद्ध प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
अब तक मुंबई के आसपास के भिवंडी, वसई रोड से कुल 3 ट्रेन उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई हैं लेकिन, मुंबई से कोई ट्रेन छूटी है। किंतु अब मुंबई से भी ट्रेन चलाई जाएगी। बीते कई दिनों से मुंबई व आसपास के प्रवासियों में ट्रेनों को लेकर भ्रम की स्थिति थी।
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार प्रवासियों को जानकारी ही नहीं उपलब्ध करा रही है। प्रवासियों के गांव जाने के आवेदन तक स्वीकारने बंद कर दिए है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र और यूपी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित होने के बाद समस्या का समाधान निकला है।
जबकि इससे पहले कई दिनों तक दोनो सरकारों के बीच संवाद का अभाव था। इससे प्रवासी मजदूरों में असमंजस की स्थिति बनी। प्रवासी मजदूर पैदल तो कुछ लोग अपनी निजी गाड़ियों से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना होने लगे हैं।
मोटरसाइकिल से पहुंचे जौनपुर
लॉकडाउन के बावजूद मुंबई की सीमा से बाहर निकलने में कोई रोकटोक नहीं है। इसलिए लोग पैदल, साइकिल और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर अपने गांव पहुंच रहे हैं।
मुबंई में रहने वाले चार युवक मोटरसाइकिल से चार दिन की यात्रा कर जौनपुर जिला स्थित अपने गांव पहुंचे। 1600 किलोमीटर की यात्रा कर गांव पहुंचने के बाद उन्हें एक स्कूल इमारत में क्वारंटीन किया गया है।
पैदल गांव जाने को मजबूर हो रहे प्रवासी मजदूर
इस भीषण गर्मी में मुंबई और आसपास के लोग 1600-1800 किलोमीटर दूर अपने घर जाने के लिए पैदल ही परिवार के साथ निकल पड़े हैं। गुरुवार को को सैकड़ों लोग मुंबई-नासिक हाईवे पर पैदल जाते देखे गए।
यूपी के जौनपुर के लिए मासूम बच्चे को गोद में लेकर पैदल निकलीं प्रीति कुमारी कहती हैं कि मेरे पास पैसे नहीं हैं। बच्चे को यहां कैसे खिलाउंगी? उसे यात्रा में बिस्कुट ही दे पा रही हूं।
सौतेला व्यवहार कर रही है महाराष्ट्र सरकार
मुंबई भाजपा के महामंत्री अमरजीत मिश्र ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा कर रखी है। अपर मुख्य सचिव अविनाश अवस्थी ने स्पष्ट किया है कि प्रवासियों के मेडिकल सर्टिफिकेट के तौर पर गृह मंत्रालय के स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण पत्र को ही मानक माना गया है।
फिर भी राज्य के अधिकारी कोविड-19 यानि स्वैब टेस्ट जैसी शर्त की बात कर यूपी के प्रवासियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे है।