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किसान यूरिया के लिए भटक रहे हैं, उधर गैर कृषि प्रयोग के लिए हो रही कालाबाजारी
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बहादुरगढ़। गांव दहकोरा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने अवैध रूप से ले जाए जा रहे यूरिया खाद से भरी पिकअप गाड़ी पकड़ी । गाड़ी से 60 बैग यूरिया बरामद किया गया है। जिले के किसान तो यूरिया खाद की कमी के चलते भारी परेशानी झेल रहे हैं और यहां यूरिया की कालाबाजारी की जा रही थी। पकड़ा गया यूरिया रोहतक के सांपला स्थित प्रिंस खाद भंडार से खरीदकर दिल्ली ले जाया जा रहा था। संभवत: इसको खेती के बजाय किसी दूसरे काम में प्रयोग किया जाना था। गाड़ी चालक व उसमें सवार एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया है।
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थाना आसौदा की पुलिस टीम की एएसआई राजीव की अगुआई में मंगलवार शाम को दहकोरा रोड पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने सांपला की तरफ से आई एक पिकअप गाड़ी को शक के आधार पर रुकवाया। जांच की तो इसमें यूरिया खाद भरा मिला। इस गाड़ी को बिहार के जिला समस्तीपुर के तेरातिरा का साधुदास चला रहा था। वह फिलहाल दिल्ली के हैबतपुरा में रहता है। साधुदास और गाड़ी में उसके साथ मौजूद नजफगढ़ के धर्मपुरा निवासी विष्णु को पुलिस ने काबू कर लिया। वह भी बिहार के बंदरा चंदौली का है। गाड़ी की जांच की गई तो उसमें यूरिया खाद से भरे 60 बैग मिलेष हरेक बैग में 45 किलोग्राम यूरिया खाद भरा है।
पूछताछ के समय दोनों कोई भी बिल व पोस मशीन की रसीद पेश नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे यह खाद सांपला के प्रिंस खाद भंडार से लेकर आए थे और दिल्ली ले जा रहे थे। पुलिस की सूचना पर कृषि विभाग विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि इस खाद का हरियाणा में खेती के लिए प्रयोग नहीं किया जाना था। एसडीओ डॉ. सुनील कौशिक व गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक जसबीर सिंह ने खाद के नमूने लेकर पुलिस को लिखित शिकायत दी और पकड़े गए दोनों आरोपियों व खाद भंडार संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने बताया कि यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, फर्टिलाइजर मूवमेंट कंट्रोल आर्डर 1973 और फर्टिलाइजर कंट्रोल आर्डर 1985 का उल्लंघन है और साथ में धोखाधड़ी भी है। आसौदा पुलिस ने कृषि विभाग के एसडीओ की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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