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ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ कसार निवासी ग्रामीण, 1.65 लाख रुपए ठगे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 02:34 PM IST
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बहादुरगढ़। आनलाइन धोखाधड़ी करके पैसे ठगना आम बात हो गई है। ताजा मामले में गांव कसार निवासी एक व्यक्ति से पुरानी कार बेचने के नाम पर एक लाख 65 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। ठग ने खुद को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का कर्मचारी बताया और पेटीएम में कई ट्रांजेक्शन करवाकर सारी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। बाद में जब कार नहीं मिली और खुद को ठगी का शिकार पाया तो पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। 
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पुलिस को दी शिकायत में गांव कसार निवासी राजेश मुदगल ने बताया कि मैंने फेसबुक पर राजेश मुदगल के नाम से आइडी बना रखी है।  13 नवंबर 2021 को  फेसबुक पर कार सेल परचेज की एड देखी। मुझे भी एक पुरानी कार लेनी थी जिस पर मैंने फेसबुक पर दिखाई एड पर लिखे गए मोबाइल नंबर पर काल किया। काल सुनने वाले ने अपना नाम नवीन बताया। उसने बताया कि वह सीआइएसएफ में नौकरी करता है और उसका तबादला दिल्ली से जम्मू का हो गया है। इस लिए मैं अपनी वैगनआर कार बेचना चाहता है। यह कार मैं डेढ़ लाख रुपये में बेचनी है। मैंने सोच समझकर बताने की कह कर फोन काट दिया। फिर 14 नवंबर व 15 नवंबर 2021 को वह मेरे पास फोन करता रहा । इस पर 15 नवंबर 2021 को मैंने एक लाख रुपये में कार खरीदने की बात पक्की कर ली। नवीन कुमार ने मेरे पास वीडियो काल की जिसमें वह सीआइएसएफ की वर्दी पहने हुए था तथा मेरे पास अपना फोटो व आइडी कार्ड भी वाट्सएप  किया। जिस पर मैंने अपने फोन से पेटीम द्वारा 90 हजार रुपये पेटीएम कर दिए। उसने मुझे आधे घंटे बाद गाड़ी की डिलीवरी बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर करने के लिए कहा तथा मुझे ड्राइवर का मोबाइल नंबर भी दिया। इसके कुछ समय बाद मैंने ड्राइवर के मोबाइल पर फोन किया तो ड्राइवर ने कहा कि मैं गाड़ी लेकर निकल पड़ा हूं। काफी समय बाद जब कोई नहीं आया तो मैंने नवीन कुमार के मोबाइल पर फोन किया तो नवीन ने कहा कि आप 22500 रुपये और ट्रांसफर कर दो क्योंकि मेरे सीनियर अधिकारी मुझ से बहुत सस्ती कार बेचने की कह रहे हैं। इस पर मैंने मजबूरीवश  अपने दोस्तों के खातों से पैसे ट्रांसफर कर दिया। कुल मिलाकर नवीन के खाते में मैंने एक लाख 65 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिया। बाद में मुझे न तो कार मिली और ना ही उनके फोन मिले। तब उसे समझ में आया कि वह धोखाधड़ी का शिकारत हुआ है। उसने इसकी शिकायत सेक्टर छह थाना पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। 
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