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कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं बर्खास्त चारों पुलिसकर्मियों
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जहांगीरपुरी में तस्कर से बरामद गांजा का मामला:
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कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं बर्खास्त चारों पुलिसकर्मियों
नई दिल्ली। जहांगीरपुरी में तस्कर से बरामद गांजे की हेराफेरी करने वाले चारों पुलिसकर्मियों को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। विजिलेंस विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, मादक द्रव्य अधिनियम, सबूत मिटाने, आपराधिक षडय़ंत्र रचने सहित अन्य धाराअें में मामला दर्ज किया है। उसके बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर सभी पुलिसकर्मिंयों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। विजिलेंस टीम लगातार फरार चल रहे आरोपियों के ठिकाने पर दबिश दे रही है।
मामला दर्ज होने की जानकारी के बाद चारों पुलिसकर्मी अपना फोन बंद कर लिया है। लेकिन विजिलेंस टीम लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है। गांजा तस्कर से बरामद गांजा को लाखों में बेचने का मामला उजागर होने के बाद पुलिस उपायुक्त ने विजिलेंस जांच के आदेश दिये थे। जांच के दौरान पता चला कि ११ सितंबर को जहांगीरपुरी में तैनात हवलदार हरफुल और सोनू राठी ने गांजा तस्कर अनिल को पकड़ा था। जिसके निशानदेही पर स्पेशल स्टाफ के उपनिरीक्षक शेखर और सपन ने उसके मामा के घर से १६४ किलो गांजा बरामद किया। अनिल ने बताया कि बिहार के रहने राजा ने उसे गांजा मुहैया करवाया था।
अनिल के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि गांजा बरामदगी के बाद पुलिसकर्मियों ने अनिल को छोडऩे के एवज में उनसे दो लाख रुपये की मांग की। अनिल की मां रीता देवी ने पुलिसकर्मियों को डेढ़ लाख रुपये दिये। इसके बावजूद अनिल पर मामला दर्ज कर लिया गया। इस बाबत पूछने पर सोनू ने बताया कि उसके पास से काफी मात्रा में गांजा मिला है। लेकिन उसकी बरामदगी को कम दिखाकर छोड़ देंगे। पुलिसकर्मियों ने अनिल के पास से ९२० ग्राम गांजा की बरामदगी दिखाकर उसे छोड़ दिया। पुलिसकर्मी अनिल के बरामद गांजा को लेकर कार से थाने पहुंचे और उसे अपने कमरे में रख दिया। जिसकी थाने के सीसीटीवी फुटेज मिली। उसके बाद विजिलेंस विभाग ने पुलिस आयुक्त के निर्देश पर इस मामले में शामिल सब इंस्पेक्टर शेखर, सपन, हवलदार हरफुल और सोनू राठी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव के निर्देश पर विशेष आयुक्त संजय सिंह ने पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया।
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(राजीव कुमार)