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आर्थिक संकट बताकर जल बोर्ड को निजी हाथों में देने की साजिश-आदेश गुप्ता
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आर्थिक संकट बताकर जल बोर्ड को निजी हाथों में देने की साजिश-आदेश गुप्ता
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नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने सीएम अरविंद केजरीवाल पर आरोपी लगाया कि आर्थिक संकट कर बहाना बतारक राज्य सरकार दिल्ली जल बोर्ड को निजी कंपनियों के हाथों में देने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पहले तो अपने नाकामियों की वजह से जल बोर्ड की ऐसी हालत की और अब आर्थिक घाटा दिखाकर उसे निजी कंपनियों को देने पर तुली है। पूरी दिल्ली में पाइपलाइन बिछाने के अपने वादे को सरकार छह सालों में भी पूरा नहीं कर पाई और न ही दिल्ली वालों को साफ पानी दे पाई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता का कहना है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के आने से पहले जल बोर्ड लगभग 176 करोड़ रुपये के मुनाफे में था। मौजूदा वक्त में बोर्ड लगभग 800 करोड़ रुपये के घाटे में है। सरकार ने टैंकर माफिया को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन टैंकर माफिया तो खत्म नहीं हो पाए, उलटा केजरीवाल सरकार के ही विधायक जल बोर्ड में टैंकर लगवाने के नाम पर करोड़ों के घोटाले में संलिप्त पाए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर नगर निगम का करोड़ों रुपये बकाया है, लेकिन सरकार उस बकाया का भुगतान करने का नाम नहीं ले रही है, जिस वजह से निगमों की आर्थिक हालत खराब होती जा रही है। राजनीतिक द्वेष के चलते 6 सालों से सरकार ने न तो दिल्ली नगर निगमों को उनके बजट में आवंटित पूरा फंड दिया है और जो फंड दिया जाता है वह भी समय पर नहीं दिया। इस सबका नतीजा है कि सरकार को तीनों नगर निगमों का 31 मार्च 2020 तक लगभग 18,000 करोड़ रुपये बकाया देना है। साथ ही वर्तमान 2020-21 वर्ष का आधा वित्त वर्ष बीतने के बाद भी कुल फंड का 25 प्रतिशत भी नहीं दिया गया है।
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अभिषेक पाण्डेय
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