PM In Argentina: सफल अर्जेंटीना यात्रा पर ब्यूनस आयर्स में मिली चाबी; अब चौथे चरण में पीएम मोदी ब्राजील रवाना
PM Modi Argentina Visit Live Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के तीसरे चरण में दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना पहुंचे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने घाना और त्रिनिदाद एंड टोबैगो का दौरा किया था। पीएम मोदी ने इस देश में राष्ट्रपति माइली और कई फुटबॉल खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। सफल यात्रा पूरी करने के बाद पीएम ब्राजील रवाना हो गए। जानिए पीएम मोदी के अर्जेंटीना दौरे से जुड़ी लाइव अपडेट्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यूनस आयर्स के नगर आयुक्त जॉर्ज मैक्री से ब्यूनस आयर्स शहर की चाबी प्राप्त की।
PM Modi received the Key to the City of Buenos Aires from Jorge Macri, Chief of the City Government of Buenos Aires
— ANI (@ANI) July 5, 2025
(Image Source: PM Modi/X) pic.twitter.com/tOZjTo8m0l
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्जेंटीना के सफल दौरे के बाद ब्राजील रवाना हो गए। यह पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा का चौथा चरण है। ब्राजील में पीएम मोदी रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे । 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई बड़े देशों के नेताओं के साथ शांति और सुरक्षा, बहुपक्षवाद को मजबूत करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग, जलवायु कार्रवाई, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक एवं वित्तीय मामलों सहित प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
ब्राजील के राष्ट्रपति के साथ इन मुद्दों पर बातचीत करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्राजील की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ब्रासीलिया भी जाएंगे। यहां वे राष्ट्रपति लूला के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क सहित आपसी हित के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे।
PM Modi departs for Brazil to attend BRICS Summit
— ANI Digital (@ani_digital) July 5, 2025
Read @ANI Story | https://t.co/VAX8GIVeVD#PMModi #Brazil #BRICSSummit pic.twitter.com/QF0ihJkJnA
अर्जेंटीना दौरे के अंतिम चरण में पीएम मोदी ने ब्यूनस आयर्स में भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता कवि रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
#WATCH | Argentina | Prime Minister Narendra Modi pays a tribute to Rabindranath Tagore in Buenos Aires
— ANI (@ANI) July 5, 2025
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/bh1XkPNTUi
बापू को श्रद्धांजलि
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अर्जेंटीना की राजधानी में स्थापित भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि दी।
#WATCH | Argentina | Prime Minister Narendra Modi pays a tribute to Mahatma Gandhi in Buenos Aires
— ANI (@ANI) July 5, 2025
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/Jqv7hgJkfs
जनरल जोस डे सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि, पीएम मोदी ने कहा यह बात
पीएम मोदी ने ब्यूनस आयर्स में जनरल जोस डे सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर जारी एक संदेश में लिखा, '...उनके साहस और नेतृत्व ने अर्जेंटीना के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन अर्जेंटीना के लोगों के लिए देशभक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।'
PM Narendra Modi tweets, "Paid homage to General José de San Martín in Buenos Aires. His courage and leadership played a pivotal role in Argentina’s history. His life remains a symbol of patriotism and determination for the people of Argentina."
— ANI (@ANI) July 5, 2025
(Picture Source: PM Modi/X) pic.twitter.com/3R8xESGbs1
दक्षिणी अमेरिकी देश- अर्जेंटीना के दौरे पर पीएम मोदी ने भारत की UPI प्रणाली पर भी बात की। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के सचिव कुमारन ने बताया, प्रधानमंत्री ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति को बताया की यूपीआई भुगतान के कारण भारत में उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली। भारतीय अर्थव्यवस्था में औपचारिकता कैसे लाई गई? अब जो अधिक डाटा उत्पन्न हुआ है इसका उपयोग सरकार और अर्थशास्त्री करेंगे। आबादी के विभिन्न वर्गों तक अधिक कुशलता से विभिन्न लाभों को पहुंचाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। पीएम ने ये भी समझाया कि कैसे यूपीआई एक क्रेडिट रिकॉर्ड तैयार करता है। किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए माइक्रो क्रेडिट पर भरोसा किया जा सकता है। पीएम मोदी के साथ बतचीत के दौरान राष्ट्रपति माइली यह समझने के लिए उत्सुक थे कि UPI प्रणाली कैसे काम करती है और यह केंद्रीय बैंक को मौद्रिक नीति को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में कैसे सक्षम बनाती है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि अर्जेंटीना के केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधिमंडल को इस प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए भारत आना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति माइली को भारत की ड्रोन दीदी पहल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने अर्जेंटीना के राष्ट्राध्यक्ष को बताया कि कैसे ग्रामीण महिलाओं को उर्वरकों के उपयोग और भूमि सर्वेक्षण के दौरान ड्रोन के उपयोग से जोड़ा जा रहा है। इसका मकसद कृषि उत्पादकता में सुधार है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कैसे कोविड-19 महामारी के दौरान दूरदराज के इलाकों में दवाओं के आपातकालीन परिवहन के लिए भी भारत में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। अब कंपनियां दूरदराज के इलाकों में सब्ज़ियां और मछलियां पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करती हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को बताया कि कैसे भारतीय उपग्रह प्रणाली- नाविक (Navic) का उपयोग मछुआरों को मछलियों के झुंड की पहचान करने में मदद करने के लिए किया जाता है... प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कैसे वे अपनी मासिक परियोजना समीक्षाओं में प्रगति की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग करते हैं। यह एक ऐसा पहलू था जिसे समझने में राष्ट्रपति ने काफी दिलचस्पी ली।
भारत के अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस पर विदेश मंत्रालय के सचिव कुमारन ने कहा, राष्ट्रपति माइली और पीएम मोदी ने भारत द्वारा संचालित एक पहल के तहत सहयोग पर चर्चा की। इसे अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) कहा जाता है। ये शेर, बाघ और जगुआर सहित बड़े बिल्लियों की छह पहचानी गई प्रजातियों की सुरक्षा में IBCA के सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री ने अर्जेंटीना से अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस में शामिल होने और बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के संदर्भ में अनुभव साझा करने की अपील की। उन्होंने क्षमता निर्माण पर एक साथ काम करने का स्वागत भी किया। बातचीत के दौरान ड्रोन के उपयोग और उनके कई उद्देश्यों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति माइली ने भारत में ड्रोन के उपयोग में बहुत रुचि दिखाई। अवैध तरीके से मछली पकड़ने की समस्या से निपटने को लेकर ड्रोन की उपयोगिता पर भी चर्चा हुई।
महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में भारत और अर्जेंटीना के रिश्ते को लेकर सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने बताया कि अर्जेंटीना लिथियम त्रिभुज का एक हिस्सा है। यह भारत के लिए बहुत रुचि का विषय है। दो भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां- कोल इंडिया लिमिटेड और KABIL को भारत के बाहर महत्वपूर्ण खनिजों और परिसंपत्तियों को चुनने का काम सौंपा गया है। उन्होंने पांच रियायत समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। निवेश को अंतिम रूप देने और निवेशों के कार्यान्वयन पर काम किया जा रहा है। इसका मकसद खनिजों का उत्पादन और उन्हें परिष्कृत कर विभिन्न उद्देश्यों के लिए भारत लाना है। खनिजों के उत्पादन, शोधन और निर्यात पर भी काम किया जा रहा है। दो निजी क्षेत्र की कंपनियों- ग्रीनको और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी- वर्ल्ड मेटल अलॉयज की भूमिका अहम रहेगी। अलॉयज ने अर्जेंटीना में लिथियम रियायतों में भी निवेश किया है। ऐसे में भारत को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में अर्जेंटीना के साथ उनका सहयोग अधिक गहरा होगा।
विदेश विभाग के सचिव कुमारन ने कहा, प्रधानमंत्री ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत का मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने राष्ट्रपति माइली को धन्यवाद दिया और इस कठिन समय में अर्जेंटीना की एकजुटता की सराहना की। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि इस यात्रा के बाद भारत और अर्जेंटीना के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत बनेगी। हमें विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने का मौका देगी... राष्ट्रपति माइली ने प्रधानमंत्री के सम्मान में दोपहर के भोज की मेजबानी की। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अर्जेंटीना लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इसलिए वे स्वाभाविक साझेदार हैं। पीएम मोदी ने कहा, 'हमें भविष्य में अपने सहयोग को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए इसका उपयोग करना चाहिए।'
पीएम मोदी और राष्ट्रपति माइली के बीच ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों को रेखांकित किया और इस बात पर जोर दिया कि अर्जेंटीना भारत की विकास यात्रा में सहायता करने के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में काम कर सकता है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े शेल गैस और चौथे सबसे बड़े शेल तेल भंडार के साथ-साथ पर्याप्त पारंपरिक तेल और गैस भंडार के साथ अर्जेंटीना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा भागीदार बनने की प्रबल क्षमता रखता है। लिथियम, तांबा और दुर्लभ तत्वों सहित महत्वपूर्ण खनिजों के अर्जेंटीना में समृद्ध भंडार हैं। इनसे भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षित और टिकाऊ संसाधन मिल सकते हैं। भारत और अर्जेंटीना अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी एक मजबूत साझेदारी साझा करते हैं। 2007 में, अर्जेंटीना का पहला उपग्रह भारत अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के समर्थन से लॉन्च किया गया था। इस आधार पर निर्माण करते हुए, दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में और अधिक सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्रालय में सचिव पी कुमारन ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अर्जेंटीना के राष्ट्राध्यक्ष के सामने स्वास्थ्य सेवा और दवा क्षेत्र में भारत की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से उच्च गुणवत्ता वाली, सस्ती दवाओं का उत्पादन करने की क्षमता बताई। इसके अलावा उन्होंने भारत को, अर्जेंटीना के दवा विनियामक ढांचे के अनुलग्नक II से अनुलग्नक I में स्थानांतरित करने की संभावना पर भी चर्चा की। इससे अर्जेंटीना के बाजार में भारतीय दवा उत्पादों को सुगम प्रवेश की सुविधा मिलेगी। अर्जेंटीना के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय शिष्टमंडल को बताया कि भारतीय दवाओं के आयात के लिए फास्ट-ट्रैक अनुमोदन की प्रक्रिया कैसे चल रही है। भारतीय पक्ष ने बताया कि अर्जेंटीना के लोगों को सस्ती और जीवन रक्षक दवाएं आसानी से मिले, ये सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुधार हो रहे हैं। इससे अर्जेंटीना में स्वास्थ्य सेवा की लागत में कमी आएगी और देश को काफी लाभ भी होगा।