Health Alert: सूजे हुए पैर देते हैं खतरे का संकेत, डॉक्टर ने चेताया- ये तीन अंग हो सकते हैं संकट में
- कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ जेरेमी लंदेन कहते हैं, पैरों में सूजन और उससे जुड़े संभावित कारणों को समझना जरूरी है। पैरों में होने वाली सूजन की समस्या हर बार खतरनाक नहीं होती है हालांकि कुछ स्थितियों में आपको अलर्ट हो जाने की जरूरत होती है।
विस्तार
Edema & Health Risk: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आपकी दिनचर्या और खान-पान बिल्कुल ठीक-ठाक हो। लाइफस्टाइल की गड़बड़ी के कारण कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट करते हैं। जब बात संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने की आती है तो इसकी शुरुआत कम उम्र से ही की जानी चाहिए। हाल के आंकड़े बताते हैं कि कुछ दशकों पहले तक जो बीमारियां बुजुर्गों में हुआ करती थीं, वह अब कम उम्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रही हैं।
डॉक्टर कहते हैं, सबसे बड़ी चिंता की बात है बीमारियों का समय रहते पहचान न हो पाना, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। शरीर खुद ही अंदर हो रही गड़बड़ियों का संकेत देता है। जब कहीं भी हल्की-सी दिक्कत होती है, तो उसका असर दूसरे अंगों पर भी दिखाई देने लगता है।
पैरों में सूजन भी ऐसा ही एक संकेत है, जिसे कई लोग थकान या ज्यादा चल लेने की वजह समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ स्थितियों में ये अंदर छिपी गंभीर परेशानियों यहां तक कि हृदय रोगों का भी संकेत हो सकती है, जिसपर समय रहते गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ जेरेमी लंदेन कहते हैं, पैरों में सूजन और इससे जुड़े संभावित कारणों को समझना जरूरी है। पैरों में होने वाली सूजन की समस्या हर बार खतरनाक नहीं होती है हालांकि कुछ स्थितियों में आपको अलर्ट हो जाने की जरूरत होती है।
एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि आपके पैरों, टखनों या एड़ियों में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को अनदेखा नहीं करना चाहिए, इसे एडिमा कहते हैं। यह तब होता है जब अतिरिक्त तरल पदार्थ आपकी रक्त वाहिकाओं से रिसकर आपके पैरों के निचले हिस्से के ऊतकों में जमा हो जाता है।
इससे आपके पैर सूजे हुए या भारी-भारी से लग सकते हैं। यहां तक कि चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है। इसके कई कारण होते हैं और सभी गंभीर भी नहीं होते, लेकिन कुछ स्थितियों में अलर्ट हो जाना चाहिए।
एडिमा और हृदय रोगों का खतरा
पैरों में सूजन या एडिमा, कुछ स्थितियों में हृदय रोगों का एक लक्षण हो सकता है। उन स्थितियों में जब आपका हार्ट ठीक तरीके से रक्त को पंप नहीं कर पाता है तो इससे पैरों, टखनों और पंजों की नसों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इस तरल पदार्थ के जमाव से सूजन हो जाती है। हार्ट फेलियर की कुछ स्थितियों में भी पैरों में सूजन की दिक्कत देखी जाती रही है।
अगर आपको लंबे समय से इस तरह की दिक्कत बनी रहती है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
किडनी या लिवर की समस्या
किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर निकालती है। किडनी सही तरीके से काम न करे तो शरीर में फ्लूड की मात्रा बढ़ने लग जाती है जिसके कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है। यह किडनी रोग का शुरुआती संकेत हो सकता है।
इसी तरह से लिवर से संबंधित बीमारियों की स्थिति में भी तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। इसके कारण पैरों व टखनों में सूजन बढ़ जाती है।
इन गड़बड़ियों का भी हो सकता है लक्षण
डॉ जेरेमी कहते हैं, पैरों में सूजन की समस्या हृदय के अलावा कुछ अन्य अंगों की दिक्कतों से भी संबंधित हो सकती है।
- अगर आपकी नसें ठीक से काम नहीं कर रही हैं, तो आपके पैरों में खून जमा हो सकता है। इसे क्रॉनिक वेनस इनसफीशिएंसी कहते हैं।
- अगर आपकी किडनी या लिवर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो आपके रक्त संचार में तरल पदार्थ बढ़ जाते हैं इसके कारण भी पैरों में सूजन की दिक्कत हो सकती है।
- कुछ दवाएं खासकर उच्च रक्तचाप, दर्द या हार्मोन की दवाएं भी सूजन पैदा कर सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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