चीन में तेजी से फैल रहा एक नया जानलेवा वायरस, जापान, थाइलैंड और कोरिया भी चपेट में
चीन में तेजी से फैल रहे एक वायरस की चपेट में 139 से ज्यादा लोग आ गए हैं। इस वायरस की वजह से तीन मौतों की पुष्टि हो चुकी है। बीजिंग में सोमवार को वायरस के दो नए मामले सामने आए हैं। यह वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर में फैला और उसके बाद अब यह दक्षिण चीन समेत पूरे देशभर में तेजी से फैल रहा है। चीन के साथ ही अब इस वायरस ने दक्षिण कोरिया, जापान और थाइलैंड में भी पांव पसार लिए हैं। दक्षिण कोरिया में भी इस वायरस की चपेट में आने वाले एक मरीज की पुष्टि हो गई है। थाइलैंड और जापान में भी लोगों के वायरस के चपेट में आने की बात सामने आ रही है। दक्षिण कोरिया के रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र ने पुष्टि की है कि इस वायरस की चपेट में 35 साल की एक महिला आई है। यह महिला चीन के वुहान शहर से सियोल आई थी।
वुहान में इस वायरस के 136 मामलों की पुष्टि हुई है। हफ्ते भर में ही तेजी से वायरस लोगों को चपेट में ले रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में वायरस से 201 मरीजों का निदान किया गया है। शेन्ज़ेन शहर में भी इस वायरस से एक व्यक्ति के चपेट में आने की पुष्टि हुई। वायरस की चपेट में आने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह वायरस चीन से दूसरे देशों और एशिया में भी फैल सकता है।
क्या है यह वायरस?
यह सार्स जैसा वायरस है जो कि एक तरह का निमोनिया है। इस वायरस को कोरोनो वायरस नाम दिया गया है। मरीजों के परीक्षण के बाद चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस इंफेक्शन को कोरोनोवायरस बताया है। इस वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति को जुखाम के साथ ही सांस संबंधी परेशानी होने लगती है। चीन में यह वायरस सबसे पहले साल 2002 में सामने आया था और 774 लोगों की मौत हुई थी। इस वायरस की वजह से लोगों को खांसी, सांस लेने में दिक्कत और गले में दर्द के साथ ही बुखार भी आता है। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया में तब्दील हो जाते हैं और सही इलाज नहीं मिलने पर मरीज की मौत की संभावना भी रहती है। इस वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यह वायरस संक्रामक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो रहा है। साल 2002 से लेकर 2003 के बीच इस वायरस से एशिया में आठ हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे।