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ऋतिक से लड़ाई की वजह है कंगना की ये बीमारी
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 23 Apr 2016 01:52 PM IST
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- फोटो : getty images
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हाल ही में ऋतिक रोशन और कंगना रनाउत का विवाद काफी सुर्खियां बटोर रहा हैं। इसी बीच लीक हुए इमेल में एक बात सामने आई कि कंगना एक अलग तरह की बीमारी से जूझ रही हैं। बीमारी का नाम है एसपरजर्स सिंड्रोम। जानिए क्या है कंगना की बीमारी और क्या होते हैं इसके लक्षण?
एसपरजर्स सिंड्रोम एक पीडीडी टाइप का सिंड्रोम है जिसमें व्यक्ति को लोगों से बात करने में दिक्क्त होती है। पीडीडी का मतलब है किसी सामान्य स्किल का देर से विकास होना या उसमें समय लगना। एसपरजर्स में मरीज को औरों की अपेक्षा सामाजिकता सीखने, व्यवहार करने, लोगों से बात करने और सोचने समझने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके कई सारे लक्षण हैं जो कि एक से दूसरे व्यक्ति में कम से ज्यादा हो सकते हैं।
एसपरजर्स सिंड्रोम का रोगी को लोगों से बात करने में तकलीफ होती है। खासतौर से लोगों की भीड़ में उन्हें बाततीच शुरु करने में दिक्कते आती है और अगर बात करते भी हैं तो बहुत घबराते हैं।
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ऐसे लोग अक्सर दोस्त नहीं बनाते क्योंकि इन्हें बातचीत को आगे बढ़ाने या फिर बहुत देर तक बात करने में दिक्कत होती है।
इसके साथ ही ये लोग कुछ अलग तरह का व्यवहार करते हैं जैसे अक्सर हाथ मरोड़ना या उंगलियां घुमाना।
ऐसे लोग बात करते समय नजरें मिलाने से कतराते हैं। बात करते समय सामने वाले को देखने में घबराते हैं। इन्हें दूसरों की बॉडी लैंग्वेज को भी समझने मं परेशानी होती है।
भाषा को समझने में और खुद की भाषा के प्रयोग में बहुत दिक्कत महसूस करते हैं।
ऐसे लोग बहुत कम ही तरह के शौक पालते हैं और जो पालते हैं वो जुनूनी किस्म का होता है। जैसे खेल या फिर मौसम के बारे में जानने की जिज्ञासा।
इस सिंड्रोम से जूझ रहे कुछ बच्चे किसी एक क्षेत्र में बहुत ही तेज होते हैं। क्षेत्र जैसे संगीत या मैथ में ये बहुत प्रतिभावान होते हैं।
वास्तव में इसका कारण क्या है ये तो अभी तक समझ नहीं आया है लेकिन ज्यादातर केसों में देखा गया है कि ये एक अनुवांशिक बीमारी है।
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एसपरजर्स सिंड्रोम एक पीडीडी टाइप का सिंड्रोम है जिसमें व्यक्ति को लोगों से बात करने में दिक्क्त होती है। पीडीडी का मतलब है किसी सामान्य स्किल का देर से विकास होना या उसमें समय लगना। एसपरजर्स में मरीज को औरों की अपेक्षा सामाजिकता सीखने, व्यवहार करने, लोगों से बात करने और सोचने समझने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके कई सारे लक्षण हैं जो कि एक से दूसरे व्यक्ति में कम से ज्यादा हो सकते हैं।
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एसपरजर्स सिंड्रोम का रोगी को लोगों से बात करने में तकलीफ होती है। खासतौर से लोगों की भीड़ में उन्हें बाततीच शुरु करने में दिक्कते आती है और अगर बात करते भी हैं तो बहुत घबराते हैं।
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ऐसे लोग अक्सर दोस्त नहीं बनाते क्योंकि इन्हें बातचीत को आगे बढ़ाने या फिर बहुत देर तक बात करने में दिक्कत होती है।
इसके साथ ही ये लोग कुछ अलग तरह का व्यवहार करते हैं जैसे अक्सर हाथ मरोड़ना या उंगलियां घुमाना।
ऐसे लोग बात करते समय नजरें मिलाने से कतराते हैं। बात करते समय सामने वाले को देखने में घबराते हैं। इन्हें दूसरों की बॉडी लैंग्वेज को भी समझने मं परेशानी होती है।
भाषा को समझने में और खुद की भाषा के प्रयोग में बहुत दिक्कत महसूस करते हैं।
ऐसे लोग बहुत कम ही तरह के शौक पालते हैं और जो पालते हैं वो जुनूनी किस्म का होता है। जैसे खेल या फिर मौसम के बारे में जानने की जिज्ञासा।
इस सिंड्रोम से जूझ रहे कुछ बच्चे किसी एक क्षेत्र में बहुत ही तेज होते हैं। क्षेत्र जैसे संगीत या मैथ में ये बहुत प्रतिभावान होते हैं।
वास्तव में इसका कारण क्या है ये तो अभी तक समझ नहीं आया है लेकिन ज्यादातर केसों में देखा गया है कि ये एक अनुवांशिक बीमारी है।