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                                                                           सुबह की पहली किरण से…
शाम की अंतिम लाली तक…
मेहनत की हर धड़कन में…
धरती की हर हलचल तक…

जहाँ पसीना इतिहास लिखे,
जहाँ संघर्ष भी त्योहार लगे—
वो धरती हमारी है…!

हम बिहारी हैं!
हाँ…...और पढ़ें
4 hours ago
                                                                           खामोशी की खुशबू कांटों का मंजर खोल रहे हैं,
तरुणाई के ज्वार में, सागर के अंतस बोल रहें हैं।

मचा हुआ है हल्ला गुल्ला संसद के गलियारों में,
सड़कों पर आवाज वही, नया रास्ता खोल रहें हैं।

संविधान को धता बताकर कु...और पढ़ें
18 hours ago
                                                                           निकलते हैं जब घर से,
हमारे सैनिक जवान
गूंज रहा होता उनके मन में
बस एक ही सवाल
किस तरह करना है हमें
शत्रु के हर साजिश को नाकाम
मत समझो इन्हें कमजोर तुम
देश के लिए छोड़ जाते ये अपनी पहचान
आसान नही...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           बेईमानी की तलाश

हर आदमी बेईमानी की तलाश में है,
और हर आदमी चिल्लाता है,
“बहुत बेईमानी है!”
कमाल है साहब,
चोर भी चौकीदार ढूँढ़ रहा है,
और चौकीदार भी चोर की तलाश में है।

जेब में ईमानदारी...और पढ़ें
3 days ago
                                                                           है स्वतंत्रता दिवस पावन पुनीत पर्व, देशभक्ति भावना का भाव जो लिए हुए।
देश की आजादी हेतु बलिदान हुए जो हैं, देश पे मरे थे और देश पे जिए हुए।
सारे नाते रिश्ते तोड़ मातु भारती से जोड़, देश प्रेम का नशा सभी थे जो पिए हुए।
उन्हें याद...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           नीले अंबर की हवाओं में,
सदा लहराता रहे मेरा तिरंगा।
चैन ओ अमन की छांव रहे,
मिट जाए हर बैर और दंगा।
खुशहाली बिखरे सब ओर,
धरती के हर सुंदर छोर।
देश का हर जन गर्व से गाये,
गुँजे उल्लास अब चहुँ ओर।
...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           वर्षों अंग्रेजों के गुलामी से, देश हुआ आजाद,
पर साथ में दे भी गया, बंटवारे का अवसाद।

अनगिनत शहीदों ने किया, देश के लिए बलिदान,
उनकी शहादत ने बढ़ाया ,भारतीय तिरंगे का मान।

देश अमर रहे, आजाद हो,सबकी थी अभिलाषा...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           उन्हें देश में
हो रहे उपद्रवों
से अनुरक्ति है।
नेताजी की
ऐसी देशभक्ति है।।
-अविनाश ब्यौहार...और पढ़ें
2 weeks ago
                                                                           हो गई देशभक्ति पूरी,
मना लिया स्वतंत्रता दिवस,
जगा लिया भीतर का देशभक्त,
सजा लिया घर,दुकान,कारखाना,
लहराया तिरंगा पूरे जोश से।

सुन लिए शहीदों के गीत,
बहा लिए दो-चार आँसू,
कैमरे के सामने सिर झुक...और पढ़ें
2 weeks ago
                                                                           आज़ादी —

पिंजरे में रहना
पक्षियों को भी नहीं भाता,
फिर हम तो इंसान हैं—
हमें कैद कहाँ सुहाती है?

कौन है जो अपनी इच्छा से
बंधन स्वीकार करना चाहता है?
उत्तर हम सब जानते हैं—
कोई नह...और पढ़ें
2 weeks ago
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