सुबह की पहली किरण से…
शाम की अंतिम लाली तक…
मेहनत की हर धड़कन में…
धरती की हर हलचल तक…
जहाँ पसीना इतिहास लिखे,
जहाँ संघर्ष भी त्योहार लगे—
वो धरती हमारी है…!
हम बिहारी हैं!
हाँ…...और पढ़ें
खामोशी की खुशबू कांटों का मंजर खोल रहे हैं,
तरुणाई के ज्वार में, सागर के अंतस बोल रहें हैं।
मचा हुआ है हल्ला गुल्ला संसद के गलियारों में,
सड़कों पर आवाज वही, नया रास्ता खोल रहें हैं।
संविधान को धता बताकर कु...और पढ़ें
निकलते हैं जब घर से,
हमारे सैनिक जवान
गूंज रहा होता उनके मन में
बस एक ही सवाल
किस तरह करना है हमें
शत्रु के हर साजिश को नाकाम
मत समझो इन्हें कमजोर तुम
देश के लिए छोड़ जाते ये अपनी पहचान
आसान नही...और पढ़ें
बेईमानी की तलाश
हर आदमी बेईमानी की तलाश में है,
और हर आदमी चिल्लाता है,
“बहुत बेईमानी है!”
कमाल है साहब,
चोर भी चौकीदार ढूँढ़ रहा है,
और चौकीदार भी चोर की तलाश में है।
जेब में ईमानदारी...और पढ़ें
है स्वतंत्रता दिवस पावन पुनीत पर्व, देशभक्ति भावना का भाव जो लिए हुए।
देश की आजादी हेतु बलिदान हुए जो हैं, देश पे मरे थे और देश पे जिए हुए।
सारे नाते रिश्ते तोड़ मातु भारती से जोड़, देश प्रेम का नशा सभी थे जो पिए हुए।
उन्हें याद...और पढ़ें
नीले अंबर की हवाओं में,
सदा लहराता रहे मेरा तिरंगा।
चैन ओ अमन की छांव रहे,
मिट जाए हर बैर और दंगा।
खुशहाली बिखरे सब ओर,
धरती के हर सुंदर छोर।
देश का हर जन गर्व से गाये,
गुँजे उल्लास अब चहुँ ओर।
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वर्षों अंग्रेजों के गुलामी से, देश हुआ आजाद,
पर साथ में दे भी गया, बंटवारे का अवसाद।
अनगिनत शहीदों ने किया, देश के लिए बलिदान,
उनकी शहादत ने बढ़ाया ,भारतीय तिरंगे का मान।
देश अमर रहे, आजाद हो,सबकी थी अभिलाषा...और पढ़ें
उन्हें देश में
हो रहे उपद्रवों
से अनुरक्ति है।
नेताजी की
ऐसी देशभक्ति है।।
-अविनाश ब्यौहार...और पढ़ें
हो गई देशभक्ति पूरी,
मना लिया स्वतंत्रता दिवस,
जगा लिया भीतर का देशभक्त,
सजा लिया घर,दुकान,कारखाना,
लहराया तिरंगा पूरे जोश से।
सुन लिए शहीदों के गीत,
बहा लिए दो-चार आँसू,
कैमरे के सामने सिर झुक...और पढ़ें
आज़ादी —
पिंजरे में रहना
पक्षियों को भी नहीं भाता,
फिर हम तो इंसान हैं—
हमें कैद कहाँ सुहाती है?
कौन है जो अपनी इच्छा से
बंधन स्वीकार करना चाहता है?
उत्तर हम सब जानते हैं—
कोई नह...और पढ़ें