आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Kavya Charcha ›   parveen shakir famous urdu poet of pakistan shayari and ghazal
parveen shakir famous urdu poet of pakistan shayari and ghazal

काव्य चर्चा

परवीन शाकिर : तेरी चाहत के भीगे जंगलों में, मेरा तन मोर बन कर नाचता है

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

4690 Views
नारी-मन की व्यथा को अपनी मर्मस्पर्शी शैली के माध्यम से अभिव्यक्त करने वाली पाकिस्तानी शायरा परवीन शाकिर उर्दू-काव्य की अमूल्य निधि हैं। सरस्वती की इस बेटी को भारतीय काव्य-प्रेमियों ने सर-आँखों पर बिठाया। उनकी शायरी में भारतीय परिवेश और संस्कृति की खुशबू को महसूस किया जा सकता है।

आज तो उस पे ठहरती ही न थी आंख ज़रा 
उसके जाते ही नज़र मैंने उतारी उसकी 

तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुशनज़र थे मगर 
जो तुझको देख चुका हो वो और क्या देखे 

मेरे बदन को नमी खा गई अश्कों की 
भरी बहार में जैसे मकान ढहता है 

सर छुपाएँ तो बदन खुलता है 
ज़ीस्त मुफ़लिस की रिदा हो जैसे 

तोहमत लगा के माँ पे जो दुश्मन से दाद ले 
ऐसे सुख़नफ़रोश को मर जाना चाहिये 

  आगे पढ़ें

परवीन की शायरी, खुशबू के सफ़र की शायरी है

Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!