आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

पॉपुलर मेरठी का मजाहिया क़लाम: किसी दीवाँ से ग़ज़ल कोई चुरा ली हम ने 

पॉपुलर मेरठी मजाहिया क़लाम: किसी दीवाँ से ग़ज़ल कोई चुरा ली हम ने
                
                                                                                 
                            गले-बाज़ी के लिए मुल्क में मशहूर हैं हम 
                                                                                                

शेर कहने का सवाल आए तो मजबूर हैं हम 
अपने अशआर समझने से भी म'अज़ूर हैं हम 
फ़न से 'ग़ालिब' के बहुत दूर बहुत दूर हैं हम 

अपनी शोहरत की अलग राह निकाली हम ने 
किसी दीवाँ से ग़ज़ल कोई चुरा ली हम ने  आगे पढ़ें

4 weeks ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X