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हिंदी साहित्य की 5 श्रेष्ठ कवयित्रियों की बेहतरीन रचनाएं

Sat, 14 Dec 2019 03:35 PM IST
रत्नेश मिश्र अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली Published by: रत्नेश मिश्र Updated Sat, 14 Dec 2019 03:35 PM IST
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Best poetry of 5 best hindi poetess

महिला दिवस के अवसर पर पढ़ें उन कवयित्रियों की रचनाएं जिन्होंने साहित्य को एक से बढ़कर एक रचनाएं दीं। जिन्होंने कविताओं के ज़रिए न सिर्फ़ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं बल्कि महिलाओं की आवाज़ को भी समाज में उठाया।

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अमृता प्रीतम/ मेरा पता 

आज मैंने
अपने घर का नम्बर मिटाया है
और गली के माथे पर लगा
गली का नाम हटाया है
और हर सड़क की
दिशा का नाम पोंछ दिया है
पर अगर आपको मुझे ज़रूर पाना है
तो हर देश के, हर शहर की,
हर गली का द्वार खटखटाओ
यह एक शाप है, यह एक वर है
और जहाँ भी
आज़ाद रूह की झलक पड़े
समझना वह मेरा घर है।

अनामिका

Best poetry of 5 best hindi poetess

जैसे पढ़ा जाता है काग़ज 
बच्चों की फटी कॉपियों का 
‘चनाजोरगरम’ के लिफ़ाफ़े के बनने से पहले! 
देखा गया हमको 
जैसे कि कुफ्त हो उनींदे 
देखी जाती है कलाई घड़ी 
अलस्सुबह अलार्म बजने के बाद ! 

सुना गया हमको 
यों ही उड़ते मन से 
जैसे सुने जाते हैं फ़िल्मी गाने 
सस्ते कैसेटों पर 
ठसाठस्स ठुंसी हुई बस में

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महादेवी वर्मा

Best poetry of 5 best hindi poetess

क्या जलने की रीति शलभ समझा दीपक जाना

घेरे हैं बंदी दीपक को 
ज्वाला की वेला
दीन शलभ भी दीप शिखा से
सिर धुन धुन खेला
इसको क्षण संताप भोर उसको भी बुझ जाना

इसके झुलसे पंख धूम की
उसके रेख रही
इसमें वह उन्माद न उसमें 
ज्वाला शेष रही
जग इसको चिर तृप्त कहे या समझे पछताना

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सुभद्रा कुमारी चौहान

Best poetry of 5 best hindi poetess

अपने बिखरे भावों का मैं 
गूँथ अटपटा सा यह हार।
चली चढ़ाने उन चरणों पर, 
अपने हिय का संचित प्यार॥

डर था कहीं उपस्थिति मेरी, 
उनकी कुछ घड़ियाँ बहुमूल्य
नष्ट न कर दे, फिर क्या होगा 
मेरे इन भावों का मूल्य?

पद्मा सचदेव

Best poetry of 5 best hindi poetess

तुम्हें मालूम था
यह राह वहां नहीं निकलती
जहां पहुंचना है मैंने
तुम उस तरफ जा भी नहीं रहे थे
फिर भी तुम चलते रहे
मेरे साथ-साथ
ये राह तो समाप्त नहीं हो रही
हम दोनों प्रतीक्षा में हैं
मैं अपनी मंज़िल की
तुम मेरी राह की
जाओ तुम वापिस चले जाओ
मैं अपनी राह खुद ही ढूंढ़ लूंगी
राह न मिली तो बना लूंगी
मुझे राह बनानी आती है!


साभार- कविताकोश 

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