आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जब एक शायर का हुआ शायरात के साथ क्रिकेट मैच

Cricket match between shayar
                
                                                         
                            

बेज़ार हो गए थे जो शाएर हयात से
क्रिकेट का मैच खेल लिया शाएरात से
वाक़िफ़ न थे जो दोस्तो! औरत की ज़ात से
चौके लगा रहे थे ख़यालों में रात से
आई जो सुब्ह शाम के नक़्शे बिगड़ गए
सर्रों से हम ग़रीबों के स्टंप उखड़ गए

नाज़-ओ-अदा ओ हुस्न ने जादू जगा दिए
पहले तो ओपनर के ही छक्के छुड़ा दिए
वन-डाउन पे जो आए तो स्टंप उड़ा दिए
राह-ए-फ़रार के भी तो रस्ते भुला दिए
गो कैच वेरी-लो था मगर बे-धड़क लिया
इक मोहतरम को इक ने गली में लपक लिया

आगे पढ़ें

7 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर