हास्य

327 Poems

                                                                           कुछ होते हैं सपने रंगीन 
तो कुछ हसीन 
कुछ सपने देखते नहीं 
दिखाते हैं
सपनों ही सपनों में 
आपको झुलाते हैं। 

मंच पर आते ही वे 
फूल मालाओं से लद गए 
आगे-पीछे दाएं- बाएं 
चमचों से बं...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           हुस्न की आरजू में खड़े हैं 
जानेमन हम भी क्यू में खड़े हैं 

प्यार तेरा है वातानुकूलित 
हम क्यूं वर्षों से लू में खड़े हैं ?

पीछे वाले तो पहुंचे शिखर पे 
हम तो कब से 'शुरू' में खड़े हैं...और पढ़ें
3 weeks ago
                                                                           बस हो चुका हुज़ूर ये पर्दे हटाइए 
सब मुंतज़िर हैं सामने तशरीफ़ लाइए 

आवाज़ में तो आप की बे-शक ख़ुलूस है 
लेकिन ज़रा नक़ाब तो रुख़ से हटाइए 

हम मानते हैं आप बड़े ग़म-गुसार हैं 
लेकिन ये आस्तीन में क्य...और पढ़ें
3 weeks ago
                                                                           एक हाथ में गंगाजल है, एक हाथ में हाला है 
तन बगुले के पंखे जैसा, मन कौवे सा काला है 

किस पर करे भरोसा गुलशन, किससे हुशियारी बरते 
घर का भेद बताने वाला ही घर का रखवाला है 

झूठों की चर्चाएं होतीं, नुक्कड़ से...और पढ़ें
4 weeks ago
                                                                           ज़िंदगी में हो रहे हैं हादसे ही हादसे 
हम मुसीबत में फंसे हैं, घुड़चढ़ी के बाद से 

वे गई हैं माइके तब सांस ली है चैन की 
चार दिन हम भी फिरेंगे हर तरफ़ आज़ाद से 

हमरे वरमाला से पाया मित्र फांसी का मज़ा ...और पढ़ें
4 weeks ago
                                                                           मैं ने पूछा कि ये क्या हाल बना रखा है 
न तो मेक-अप है न बालों को सजा रखा है 

छेड़ती रहती हैं अक्सर लब-ओ-रुख़सारों को 
तुम ने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पे चढ़ा रखा है 

मुस्कुराते हुए उस ने ये कहा शोख़ी से 
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1 month ago
                                                                           है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा 
क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा 

बिल्ली तो यूँही मुफ़्त में बदनाम हुई है 
थैले में तो कुछ और था सामान वग़ैरा 

बे-हिर्स-ओ-ग़रज़ क़र्ज़ अदा कीजिए अपना 
जिस तरह...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           बहरों को फरियाद सुनाना, अच्छा है पर कभी-कभी
अंधों को दर्पण दिखलाना, अच्छा है पर कभी-कभी

ऐसा न हो तेरी कोई उंगली गायब हो जाए
नेताओं से हाथ मिलाना, अच्छा है पर कभी-कभी

बीवी को बंदूक सिखाकर तुमने रिस्की काम कि...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           कूड़ा करकट रहा सटकता, चुगे न मोती हंसा ने
करी जतन से जर्जर तन की लीपापोती हंसा ने
पहुँच मसख़रों के मेले में धरा रूप बाजीगर का
पड़ा गाल पर तभी तमाचा, साँसों के सौदागर का
हंसा के जड़वत् जीवन को चेतन चाँटा बदल गया
तुलन...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           जीवन में मैं कुछ कर न सका
देखा था उनको गाड़ी में  
कुछ नीली नीली साड़ी में 
वह स्टेशन पर उतर गईं 
मैं उनपे थोड़ा मर न सका
 
महिलाओं की थी भीड़ बड़ी 
गगरा-गगरी थीं लिए खड़ी
घंटों मैं कलपर खडा रहा...और पढ़ें
1 month ago
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