बेरोजगार SC-ST युवाओं को मोदी सरकार की सौगात
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सरकारी नौकरियों में एससी/एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों को भरने में भले ही केंद्र सरकार पिछड़ी हुई हो लेकिन दलित-आदिवासियों पर मेहरबान सरकार अब इस वर्ग को रोजगार दिलाने के लिए खास कोचिंग की व्यवस्था करने जा रही है।
श्रम मंत्रालय ने दिल्ली, कानपुर समेत देश के 21 शहरों में कोचिंग व प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। यहां एसएससी और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए स्पेशल कोचिंग स्कीम के तहत 11 माह के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसकी शुरुआत 1 जुलाई से होने की संभावना है। प्रशिक्षित बच्चों को कैरियर सेंटरों से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद भी की जाएगी।
श्रम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत परीक्षार्थियों को अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, गणित की कोचिंग के साथ-साथ शार्ट हैंड टाइपिंग और कंप्यूटर की जानकारी दी जाएगी। कोचिंग केंद्रों पर हफ्ते में छह दिन रोजाना तीन घंटे का प्रशिक्षण जरूरतमंद एससी/एसटी बच्चों को दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर 60 बच्चों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था होगी जबकि दिल्ली में 100 बच्चों के लिए व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षकों का चयन भी प्रतिस्पर्धा के आधार
इसमें महत्वपूर्ण यह है कि इन कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों का चयन भी प्रतिस्पर्धा के आधार पर होगा। बीएड या फिर उच्च शिक्षा प्राप्त कोई भी व्यक्ति इसके लिए आवेदन कर सकेगा।
नए रोजगार केंद्रों से एससी/एसटी वर्ग के छात्रों को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास के तहत सरकार इस वर्ग के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था करना चाहती है। इसी के मद्देनजर संबंधित मंत्रालय नई योजनाएं ला रहे हैं।
गौरतलब है कि श्रम मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय समेत कई अन्य मंत्रालय भी एससी/एसटी के उत्थान के लिए नई योजनाओं को आकार दे रहे हैं।