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PCS में पूछे गए सवाल पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Apr 2016 04:19 AM IST
सार
- हाईकोर्ट ने पूछा किस राज्य में सबसे अधिक होता है माइका
- वान्या गुप्ता और अनुराग त्रिपाठी ने दाखिल की याचिकाएं
- याचिका पर 26 अप्रैल को होगी सुनवाई
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PCS में पूछे गए सवाल पर विवाद
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विस्तार
पीसीएस जे की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए सवालों के उत्तर में गलत विकल्प दिए जाने के खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से प्रश्न पर स्थिति साफ करने को कहा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि देश में माइका का सर्वाधिक उत्पादन किस राज्य में होता है। इस मामले में झारखंड या आंध्रप्रदेश को लेकर भ्रम पैदा हो गया है।
कोर्ट ने इस संशय को समाप्त करने के लिए कहा है। पीसीएस जे अभ्यर्थी वान्या गुप्ता और अनुराग त्रिपाठी ने इस मामले में याचिकाएं दाखिल की हैं। अनुराग त्रिपाठी की याचिका में कहा गया है कि उसे प्रारंभिक परीक्षा में 300 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि कट ऑफ मेरिट 301 अंक है।
याची का कहना है कि सामान्य ज्ञान का एक प्रश्न और विधि विषय के दो प्रश्नों के उसने सही विकल्प भरे हैं, मगर आयोग द्वारा जारी आंसर की में गलत विकल्प दिए गए हैं। यदि उसके विकल्पों को सही मान लिया जाए तो उसे कट ऑफ से अधिक अंक प्राप्त हो रहे हैं तथा उसका नाम चयन सूची में आ जाएगा।
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इसी प्रकार से वान्या गुप्ता का कहना है कि प्रश्नों के गलत विकल्प दिए जाने के कारण वह चयन सूची में शामिल नहीं हो सकी हैं। उसने सर्वाधिक माइक उत्पादक राज्य के जवाब में झारखंड का विकल्प भरा है, जबकि आंसर की में आंध्रप्रदेश दिया गया है। यदि उसका जवाब सही है तो उसे चयन सूची में स्थान मिलना चाहिए।
दोनों अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा दी है मगर प्रारंभिक परीक्षा का मामला कोर्ट में होने के कारण उनका परिणाम जारी नहीं किया गया है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह विवादित प्रश्नों पर विषय विशेषज्ञों की राय लेकर निर्णय करे कि कौन से प्रश्न का उत्तर सही है और कौन सा गलत। याचिका पर 26 अप्रैल को सुनवाई होगी।
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कोर्ट ने इस संशय को समाप्त करने के लिए कहा है। पीसीएस जे अभ्यर्थी वान्या गुप्ता और अनुराग त्रिपाठी ने इस मामले में याचिकाएं दाखिल की हैं। अनुराग त्रिपाठी की याचिका में कहा गया है कि उसे प्रारंभिक परीक्षा में 300 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि कट ऑफ मेरिट 301 अंक है।
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याची का कहना है कि सामान्य ज्ञान का एक प्रश्न और विधि विषय के दो प्रश्नों के उसने सही विकल्प भरे हैं, मगर आयोग द्वारा जारी आंसर की में गलत विकल्प दिए गए हैं। यदि उसके विकल्पों को सही मान लिया जाए तो उसे कट ऑफ से अधिक अंक प्राप्त हो रहे हैं तथा उसका नाम चयन सूची में आ जाएगा।
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इसी प्रकार से वान्या गुप्ता का कहना है कि प्रश्नों के गलत विकल्प दिए जाने के कारण वह चयन सूची में शामिल नहीं हो सकी हैं। उसने सर्वाधिक माइक उत्पादक राज्य के जवाब में झारखंड का विकल्प भरा है, जबकि आंसर की में आंध्रप्रदेश दिया गया है। यदि उसका जवाब सही है तो उसे चयन सूची में स्थान मिलना चाहिए।
दोनों अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा दी है मगर प्रारंभिक परीक्षा का मामला कोर्ट में होने के कारण उनका परिणाम जारी नहीं किया गया है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह विवादित प्रश्नों पर विषय विशेषज्ञों की राय लेकर निर्णय करे कि कौन से प्रश्न का उत्तर सही है और कौन सा गलत। याचिका पर 26 अप्रैल को सुनवाई होगी।