जानिए, कैसे बना आगरा के ऑटो चालक का बेटा आईआईटीयन
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जिनकी नजर सितारों पर, उन्हें अपना पथ खुद बनाना है...
कुछ इसी तरह सितारों पर नजर रखकर ऑटो चालक के बेटे हर्षित शर्मा ने इंजीनियरिंग में न केवल अपना रास्ता खुद बनाया, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गए।
ऑटो ड्राइवर गजानंद शर्मा के बेटे हर्षित ने पहले ही प्रयास में आईआईटी-जेईई एडवांस परीक्षा में 3162वीं रैंक पाई है। हर्षित का परिवार उनकी इस सफलता पर फूले नहीं समा रहा। अपने सपनों को उड़ान देने वाले हर्षित के बड़े भाई भी एनआईटी से बीटेक कर रहे हैं।
आर्थिक परेशानियां हर्षित का रास्ता न रोक पाईं। ऑटो ड्राइवर गजानंद शर्मा के बेटे हर्षित शर्मा ने कड़ी मेहनत से संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस में भी सफलता हासिल की है। हर्षित शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मां-पिता, भाई और निमित्त मात्र सोसायटी द्वारा संचालित लक्ष्य-30 को दिया है।
सिविल सेवा में सफलता हासिल करने की ख्वाहिश
हर्षित क्रिकेट के खिलाड़ी हैं और इंजीनियरिंग के बाद सिविल सेवा में सफलता हासिल करने की ख्वाहिश है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा में सफल हर्षित के पिता 15 साल से ऑटो चलाकर अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं।
लक्ष्य-30 में चुनने के बाद वह दो साल से नि:शुल्क पढ़ाई कर रहे है। रिजल्ट आने पर परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। हर्षित के मुताबिक वह कोचिंग के अलावा तीन से चार घंटे तक पढ़ाई करते रहे हैं।
9 छात्र चुने गए
दीक्षालय इंस्टीट्यूट से जेईई एडवांस में 9 विद्यर्थियों का चयन हुआ है। दीक्षालय केचेयरमैन डा. अंबरीश अग्रवाल और प्रधानाचार्य डा. मोनिका खंडेलवाल ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी है। कार्तिक गुप्ता, हर्षित शर्मा, प्रखर कुलश्रेष्ठ, नमित निगम, देव कुमार, प्रशांत झा, अभय सिंह, निर्मल प्रताप, शुभम अग्रवाल चयनित हुए हैं।
...और टैक्सी ड्राइवर का बेटा भी बना आईआईटीयन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई एडवांस) में इस बार बेशक टॉप 50 में एक भी बिहार का छात्र नहीं है, लेकिन सुपर-30 का जलवा इस बार भी बदस्तूर बरकरार रहा।
रिजल्ट आने के बाद आनंद सुपर 30 में जश्न का माहौल है। इसमें मधुबनी जिले के नीरज झा को 1217वीं रैंक मिली है। नीरज के पिता भगवान झा कोलकाता में टैक्सी ड्राइवर का काम करते हैं।
सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने बताया कि इस बार 30 बच्चों में से 25 बच्चों ने क्वालिफाई किया है। उन्होंने छात्रों की सफलता पर खुशी जताई। कुमार ने बताया कि 1217वीं रैंक हासिल करने वाले नीरज अपने दो भाई, एक बहन और मां के साथ रहता है।
रिजल्ट के बाद नीरज ने कहा कि अब वह पढ़ाई में और मेहनत करेगा और अपनी लगन से परिवार की गरीबी दूर करेगा। इसी तरह अभयानंद सुपर-30 में देश की सभी शाखाओं से 350 विद्यार्थी संयुक्त परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 140 विद्यार्थियों को सफलता मिली। इनमें पटना की शाखा रहमानी-30 के 15 और रहमानी-वेब के सभी पांचों विद्यार्थियों को सफलता मिली।