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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   exam date sheet declared in kashmir valley

कश्मीर घाटी में हिंसा और विरोध के बीच बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां घोषित

Wed, 23 Nov 2016 12:05 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Wed, 23 Nov 2016 12:05 PM IST
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exam date sheet declared in kashmir valley
Exam - फोटो : Demo Pic.
घाटी में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की अटकलों पर विराम लग गया। वीरवार को स्टेट बोर्ड ने परीक्षाओं के आयोजन का फार्मूला और तिथियां घोषित कर दीं।
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बोर्ड चेयरमैन जहूर अहमद चट्ट ने कहा कि 10वीं की परीक्षाएं 14 से और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 15 नवंबर से शुरू होंगी। पेपर पूरे पाठ्यक्रम (सिलेबस) के आधार पर तैयार होगा, लेकिन, परीक्षार्थियाें को ओपन च्वाइस का विकल्प दिया जाएगा। 
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 उन्होंने कहा कि अकसर परीक्षाएं अक्टूबर में ली जाती हैं। पर हालात खराब होने की वजह से शेड्यूल एक महीना लेट हो गया है। चेयरमैन के अनुसार परीक्षाओं में और देरी नहीं की जा रही है। मकसद बच्चाें को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए पर्याप्त समय देना है।
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बर्फबारी की वजह से मार्च में परीक्षाएं करवाना संभव नहीं

exam date sheet declared in kashmir valley
Exam - फोटो : Demp Pic.
चेयरमैन ने बताया कि पहले कश्मीर में भी परीक्षाएं मार्च में आयोजित करवाई जाती थीं लेकिन वर्ष 1974 में तब के राज्यपाल भगवन सहाय के नेतृत्व में उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया कि कश्मीर में परीक्षाएं अक्टूबर में करवाई जाएंगी। वर्ष 2014 में बाढ़ के कारण शेड्यूल प्रभावित हुआ था। 2015 में 12वीं पास करने वाले छात्र आज भी दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं।

यूनिवर्सिटी में प्रोफेशनल कोर्स में सामान्य तौर पर उन्हें चौथा सेमिस्टर पूरा करना चाहिए जबकि कई बच्चे आज भी पहले सेमिस्टर की परीक्षाएं ही दे पाए हैं। नवंबर के बजाए परीक्षाएं मार्च में करवाई जातीं तो मच्छेल, तंगधार, करनाह, आदि जैसे कई इलाके 6 महीने बर्फ से ढंक जाते।

चेयरमैन के अनुसार उन्हें कई मेल, मैसेज भी आये जो परीक्षाएं समय पर चाहते थे, लेकिन, कुछ बच्चे सिलेबस में कटौती की मांग कर रहे थे। इस सबको ध्यान में रखते हुए पेपर का पैटर्न सभी के मुफीद तैयार किया गया है। ओपन च्वाइस में 50 प्रतिशत पेपर को उत्तर का आधार बनाने का विकल्प है। यदि किसी ने 30 फीसदी सिलेबस भी किया है तो उसे परीक्षा देने में मुश्किल नहीं होगी। 

परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होंगे। जेल में बंद विद्यार्थियों के सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि कोई भी विद्यार्थी 10वीं और 12वीं में इनरोल नहीं पाया गया है। घायल हुए विद्यार्थियाें को हेल्पर की सुविधा दी जाएगी। परीक्षा केंद्र सरकारी स्कूलों में ही बनेंगे।
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