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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   violence Impact on studies in Kashmir

घाटी में हिंसा के कारण बिना पढ़े बच्चों को देनी होगी परीक्षा

Thu, 06 Oct 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 06 Oct 2016 11:52 PM IST
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violence Impact on studies in Kashmir
लिखित परीक्षा - फोटो : Demo Pic.
घाटी में हिंसा से बंद पड़े स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो पाई। इसके चलते दसवीं और बारहवीं कक्षा के बच्चे बिना पढ़ाई के ही परीक्षा में बैठेंगे।
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बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन ने कश्मीर संभाग में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के शेड्यूल में बदलाव कर परीक्षाएं नवंबर के दूसरे सप्ताह में आयोजित करने का फैसला किया है। पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत कश्मीर संभाग में दसवीं की परीक्षा अक्तूबर के पहले सप्ताह और बारहवीं की परीक्षा अक्तूबर के तीसरे सप्ताह होनी थी।

शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन और नतीजों की घोषणा की प्रक्रिया को समय से पूरा करना जरूरी है। समय से प्रक्रिया पूरी न होने की सूरत में राज्य के विद्यार्थियों के लिए एनईईटी और जेईई की परीक्षाओं के साथ ही अन्य प्रोफेश्नल कोर्स में दाखिला लेना मुमकिन न होता।
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राज्य के भीतर और बाहर होने वाली प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए जरूरी है कि राज्य में योग्यता से जुड़ी परीक्षाएं समय से करवाई जाएं। 

शिक्षा मंत्री ने नो डिटेंशन पॉलिसी में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा पांचवीं से नवमीं कक्षा तक की टी-1 और टी-2 परीक्षाआें को अब स्टेट इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन आयोजित करेगा। यही नहीं, ग्यारहवीं कक्षा की टी-2 परीक्षा का आयोजन बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन करेगा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव शिक्षा में सुधार के मकसद से किया गया है।
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