{"_id":"57f690804f1c1b0b6d26fabd","slug":"students-of-jammu-university-asks-to-save-wildlife","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
जम्मू सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
Central University, Jammu
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट आफ एनिमल साइंसेज, वाइल्ड लाइफ और प्लांट साइंसेज की ओर से 65वें वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई।
वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट जेएंडके, इंडियन साइंसेज कांग्रेस एसोसिएशन, वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन फंड के सहयोग से संपन्न कार्यशाला में छात्रों ने रंगोली, पेंटिंग, स्लोगन राइटिंग और क्विज कंपीटीशन के माध्यम से वन्य जीवों के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। प्रो. लोकेश वर्मा ने कहा कि इस वक्त वन्य जीव संरक्षण सबसे जरूरी है।
सेवानिवृत्त आईएफएस प्रो. आरएस जसरोटिया ने ‘मानव-पशु विरोध: उद्भव और समाधान’ विषय पर प्रकाश डाला। सेवानिवृत्त आईएफएस उपेंद्र पचनंदा ने पशु अधिकारों पर चर्चा की। सीसीएफ जेएंडके फारेस्ट डिपार्टमेंट एके गुप्ता ने विभाग द्वारा पशुओं के अवैध शिकार के खिलाफ चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। डा. रणविजय सिंह और नदीम कादरी ने लघु फिल्म के द्वारा पशु संरक्षण को पेश किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट जेएंडके, इंडियन साइंसेज कांग्रेस एसोसिएशन, वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन फंड के सहयोग से संपन्न कार्यशाला में छात्रों ने रंगोली, पेंटिंग, स्लोगन राइटिंग और क्विज कंपीटीशन के माध्यम से वन्य जीवों के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। प्रो. लोकेश वर्मा ने कहा कि इस वक्त वन्य जीव संरक्षण सबसे जरूरी है।
विज्ञापन
सेवानिवृत्त आईएफएस प्रो. आरएस जसरोटिया ने ‘मानव-पशु विरोध: उद्भव और समाधान’ विषय पर प्रकाश डाला। सेवानिवृत्त आईएफएस उपेंद्र पचनंदा ने पशु अधिकारों पर चर्चा की। सीसीएफ जेएंडके फारेस्ट डिपार्टमेंट एके गुप्ता ने विभाग द्वारा पशुओं के अवैध शिकार के खिलाफ चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। डा. रणविजय सिंह और नदीम कादरी ने लघु फिल्म के द्वारा पशु संरक्षण को पेश किया।
विज्ञापन