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खाली जेब ही पढ़ाने को मजबूर शिक्ष्ाक
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Thu, 08 Jan 2015 02:56 PM IST
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जिले के चौदह स्कूलों में शिक्षा देने का जिम्मा संभालने वाले शिक्षकों की जेबें खाली चल रही हैं। एक या फिर दो महीने नहीं, पिछले दस महीनों से उन्हें वेतन नही मिला है। स्कूल के हेड मास्टरों को भी वेतन नहीं दिया गया है।
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इनको वेतन देने के लिए सरकार को 39 करोड़ रुपये जारी करने हैं। इनमें 27 करोड़ शिक्षकों और 12 करोड़ हेडमास्टरों को बतौर वेतन जारी किए जाने हैं। वर्तमान में विभाग शिक्षकों से बिना वेतन के ही काम ले रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग इस बकाया राशि के लिए सरकार को चार बार लिख चुका है। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। नए साल पर भी शिक्षकों की जेबें खाली रहीं।
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जेकेटीएफ के अमर नाथ ठाकुर ने कहा कि विभाग परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता का आंकड़ा देखकर वेतन पर विचार करता है। लेकिन बच्चे अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो फिर परीक्षा परिणाम का प्रतिशत बढ़ा दिया जाता है।
ऐसे में शिक्षकों के साथ धोखा कर उन्हें वेतन से वंचित कर दिया जाता है। शिक्षकों का वेतन रोकने वाले विभाग को इस पर भी गौर करना चाहिए।
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 1224 शिक्षक और 175 हेड मास्टर हैं। सरकार ने दो महीने पहले एक महीने का वेतन जारी करते हुए ढाई करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन इससे सभी शिक्षकों का वेतन पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में एक महीना और बिना वेतन के गुजरने के कारण लंबित राशि का आंकड़ा फिर पहले जैसा ही हो गया।