{"_id":"ad7f9db8d05b306b3c9eacf1f127bed3","slug":"pressure-horns-spreading-noise-pollution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेशर हार्न फैला रहे ध्वनि प्रदूषण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेशर हार्न फैला रहे ध्वनि प्रदूषण
ब्यूूराे/अमर उजाला, जम्मूू
Updated Tue, 23 Sep 2014 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रेशर हार्न से ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है, जिस कारण बिक्रम और सतवारी चौक में ज्यादा शोरगुल होता है।
विज्ञापन
यहां पर सामान्य से अधिक ध्वनि प्रदूषण होता है। ज्यादातर टू बाई टू बसें और दो पहिया वाहन शामिल हैं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की ओर से प्रेशर हार्न के खिलाफ अभियान का दावा किया जाता है लेकिन शहर में वाहनों की तादाद के हिसाब से बहुत ही कम मात्रा में प्रेशर हार्न वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होती है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों पर प्रेशर हार्न की पाबंदी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि प्रेशर हार्न ध्वनि प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ हृदय रोगियों और बीमार लोगों के लिए बड़ा घातक साबित होता है।
विज्ञापन
दो पहिया वाहनों के अलावा टू बाई टू बसों में प्रेशर हार्न बजते अधिकतर बार सुनाई देते हैं। कई बार साथ से गुजरने वाले वाहन चालक प्रेशर हार्न की आवाज से अनियंत्रित हो जाते हैं और उनका वाहन पर कंट्रोल नहीं रहता है, जिससे हादसा हो जाता है, जिसमें कई इंसानी जिंदगियां चले जाने की नौबत आ जाती है।
विज्ञापन
जम्मू शहर में प्रतिदिन तीन से चार लाख वाहन जम्मू में से होकर गुजरते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रेशर हार्न का मंदिरों के शहर में कितना दबाव हो सकता है। सतवारी चौक, बिक्रम चौक को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सबसे ज्यादा शोरगुल इलाकों में दर्ज किया है।
इसके अलावा परेड और फिर ज्यूल चौक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उक्त इलाकों में दीवाली के दो दिन पहले और दीवाली के दो दिन बाद प्रदूषण की मानीटरिंग करता है, जिसमें अब तक के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो ध्वनि प्रदूषण का स्तर हमेशा बढ़ा है। रोजाना के दिनों में भी ध्वनि प्रदूषण बहुत है।