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संसद हमले मामले में न्याय जरूरी : फारूक
Jammu
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। केंद्रीय मंत्री और नेकां के संरक्षक डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि संसद पर हमले के मामले में न्याय होना चाहिए। इस संबंध में डॉ. अब्दुल्ला ने अपने भाई मुस्तफा कमाल के बयान से भी पल्ला झाड़ा। जिन्होंने अफजल गुरू को दी गई सजा पर सवाल उठाए थे। कसाब को फांसी दिए जाने के बाद संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने की जोरशोर से उठ रही मांग पर नई दिल्ली में संसद के बाहर शुक्रवार को डॉ. अब्दुल्ला ने यह प्रतिक्रिया व्यक्त की।
डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरू मामले में कोर्ट पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना फैसला सुना दिया है। अब मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के विचाराधीन है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ने सात दया याचिकाओं समेत अफजल गुरू की याचिका को भी विचार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को लोटा दिया था। लिहाजा अब इस मामले में न्याय होना चाहिए। गौरतलब है कि भाजपा के अलावा कांग्रेस के महासचिव दिग्गविजय सिंह ने अफजल गुरू को जल्द फांसी देने की मांग कसाब को फांसी मिलने के बाद उठाई थी। हालांकि जम्मू कश्मीर के किसी भी कांग्रेसी नेता ने अफजल गुरू को फांसी देने की मांग केंद्र सरकार से अब तक करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
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डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरू मामले में कोर्ट पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना फैसला सुना दिया है। अब मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के विचाराधीन है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ने सात दया याचिकाओं समेत अफजल गुरू की याचिका को भी विचार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को लोटा दिया था। लिहाजा अब इस मामले में न्याय होना चाहिए। गौरतलब है कि भाजपा के अलावा कांग्रेस के महासचिव दिग्गविजय सिंह ने अफजल गुरू को जल्द फांसी देने की मांग कसाब को फांसी मिलने के बाद उठाई थी। हालांकि जम्मू कश्मीर के किसी भी कांग्रेसी नेता ने अफजल गुरू को फांसी देने की मांग केंद्र सरकार से अब तक करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
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