{"_id":"27-25609","slug":"Jammu-25609-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध दवाइयों का धंधा जोरों पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध दवाइयों का धंधा जोरों पर
Jammu
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। रियासत में अवैध दवाइयों की बिक्री का धंधा जोरों पर है। बिना लाइसेंस और अवैध तरीके से ऐसी दवाइयों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। इसमें घटिया स्तर और कम गुणवत्ता वाली दवाइयों को बेचकर ज्यादा मुनाफा कमाया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि चिकित्सा पेशे से जुड़े मुलाजिम ही इस धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें कश्मीर संभाग ज्यादा प्रभावित है। ड्रग कंट्रोलर सतीश गुप्ता का कहना है कि हाल ही में पकड़े गए अधिकांश मामलों में चिकित्सा पेशे से जुड़े लोग ही इस गोरखधंधे को चला रहे हैं। इसमें आसपास के लोग भी उनका इस पेशे के साथ संबंध रखने पर ऐसे अवैध दुकानदारों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं। ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन जल्द बड़े स्तर ऐसे दुकानदारों के खिलाफ अभियान छेड़ रहा है।
पिछले करीब डेढ़ माह में आर्गनाइजेशन की ओर से रियासत में सीज की गई अवैध दवाई की दुकानों में 142 सिर्फ कश्मीर डिवीजन में ही पकड़ी गई हैं। इससे साफ है कि घाटी में अवैध दवाइयों के कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। इसमें अधिकांश चिकित्सा पेशे से जुड़े मुलाजिम इस धंधे में शामिल हैं। ऐसी दुकानों पर बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से दवाइयों की बिक्री की जा रही है। इनमें अधिकांश दवाइयां कम गुणवत्ता और लोकल स्तर की रहती हैं। कश्मीर डिवीजन में पुलवामा क्षेत्र अभी तक ज्यादा प्रभावित रहा है। इसके अलावा बड़गाम, बारामूला, बांडीपोरा, अनंतनाग, कुलगाम, श्रीनगर आदि जैसे क्षेत्रों में भी इस गोरखधंधे को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वास्थ्य निदेशक श्रीनगर डा. सलीम फल रहमान का कहना है कि विभाग अपने स्तर पर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी करता है। इन पर जरूरी कार्रवाई ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाईजेशन की ओर से की जाती है। वहीं, स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. मधु खुल्लर का कहना है कि विभाग दूसरे विभागों के साथ मिलकर काम करता है।
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पिछले करीब डेढ़ माह में आर्गनाइजेशन की ओर से रियासत में सीज की गई अवैध दवाई की दुकानों में 142 सिर्फ कश्मीर डिवीजन में ही पकड़ी गई हैं। इससे साफ है कि घाटी में अवैध दवाइयों के कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। इसमें अधिकांश चिकित्सा पेशे से जुड़े मुलाजिम इस धंधे में शामिल हैं। ऐसी दुकानों पर बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से दवाइयों की बिक्री की जा रही है। इनमें अधिकांश दवाइयां कम गुणवत्ता और लोकल स्तर की रहती हैं। कश्मीर डिवीजन में पुलवामा क्षेत्र अभी तक ज्यादा प्रभावित रहा है। इसके अलावा बड़गाम, बारामूला, बांडीपोरा, अनंतनाग, कुलगाम, श्रीनगर आदि जैसे क्षेत्रों में भी इस गोरखधंधे को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वास्थ्य निदेशक श्रीनगर डा. सलीम फल रहमान का कहना है कि विभाग अपने स्तर पर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी करता है। इन पर जरूरी कार्रवाई ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाईजेशन की ओर से की जाती है। वहीं, स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. मधु खुल्लर का कहना है कि विभाग दूसरे विभागों के साथ मिलकर काम करता है।
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