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नालंदा घोषित हो दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी

Sat, 18 Mar 2017 06:50 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 18 Mar 2017 06:50 PM IST
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Seminar on Buddhist Memorial Conservation in Rajasthan University
सेमिनार में मौजूद वक्ता - फोटो : अमर उजाला
नालंदा विवि को दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी घोषित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही बौद्ध स्मारकों के संरक्षण के लिए नई विधियों का इस्तेमाल किया जाना बेहद जरूरी है।
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यह कहना था डा. बुद्धिरश्मि मणि का, वे कंजंर्विग बुद्धिस्ट हेरिटेजः रोल आफ म्यूजियम विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। राजस्थान विवि के सेंटर म्यूजियोलाजी एंड कजरवेशन व बौद्ध अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में यह सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जनरल नेशनल म्यूजियम के निदेशक डा. बुद्धरश्मि मणि थे।
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उन्होंने विभिन्न बौद्ध स्मारकों के चित्रों को दर्शाते हुए उनके संरक्षण पूर्व और पश्चात की स्थितियों को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही बौद्ध स्मारकों  के संरक्षण की नई विधाओं के साथ स्मारक संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने नालंदा विहार को विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय के रूप में  घोषित किए जाने की जानकारी दी । इसके बाद कला विशेषज्ञ चंद्रमणि सिंह ने बताया कि ब्राह्मी लिपि का साहित्य में भारत के साथ साथ अन्य देशों में  भी प्रयोग किया गया, जो कि बौद्ध संस्कृति के प्रसार का  संकेत है। उद्घाटन सत्र में  पुस्तक बोधिश्री का विमोचन भी किया गया।
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