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स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन में अब यूं कसेगी नकेल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 18 Jul 2017 07:26 PM IST
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राजस्थान यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन में इस बार सख्ती देखी जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया के ठीक बाद अब चुनावों को लेकर मीटिंग ली गई है।
इस बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि आगामी छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह समिति की अनुसंशाओं के आधार पर ही होंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति और महाविद्यालयों में प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि समिति की सिफारिशों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन ना हो।
माहेश्वरी मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव को लेकर कुलपतियों एवं महाविद्यालय के प्राचार्यों की गठित कमेटी के अध्यक्ष एवं कुलपति जेपी शर्मा की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर छात्र संगठनों से विस्तृत चर्चा की। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी विवि और महाविद्यालयों में छात्रसंघ के चारों पदों जैसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव पर प्रत्यक्ष (सीधे) चुनाव होंगे।
चुनाव लड़ने वाले समस्त उम्मीदवार अपना कैंप ऑफिस विवि या महाविद्यालय प्रशासन की अनुमति से ही खोल पाएंगे। परिसर के बाहर किसी भी तरह के चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। विवि में छात्रसंघ चुनाव में और अधिक निष्पक्षता के लिए ईवीएम मशीन उपलब्ध कराने के लिए भी विभाग निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजेगा।
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छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण चुनाव सम्पादित करवाने के लिए विवि या महाविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं चुनाव अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा प्रथम वर्ष के छात्र केवल कक्षा प्रतिनिधि के लिए चुनाव लडेंगे अन्य पदों के लिए नहीं।
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इस बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि आगामी छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह समिति की अनुसंशाओं के आधार पर ही होंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति और महाविद्यालयों में प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि समिति की सिफारिशों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन ना हो।
माहेश्वरी मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव को लेकर कुलपतियों एवं महाविद्यालय के प्राचार्यों की गठित कमेटी के अध्यक्ष एवं कुलपति जेपी शर्मा की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर छात्र संगठनों से विस्तृत चर्चा की। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी विवि और महाविद्यालयों में छात्रसंघ के चारों पदों जैसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव पर प्रत्यक्ष (सीधे) चुनाव होंगे।
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चुनाव लड़ने वाले समस्त उम्मीदवार अपना कैंप ऑफिस विवि या महाविद्यालय प्रशासन की अनुमति से ही खोल पाएंगे। परिसर के बाहर किसी भी तरह के चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। विवि में छात्रसंघ चुनाव में और अधिक निष्पक्षता के लिए ईवीएम मशीन उपलब्ध कराने के लिए भी विभाग निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजेगा।
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छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण चुनाव सम्पादित करवाने के लिए विवि या महाविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं चुनाव अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा प्रथम वर्ष के छात्र केवल कक्षा प्रतिनिधि के लिए चुनाव लडेंगे अन्य पदों के लिए नहीं।
25 साल होगी अधिकतम आयु
राजस्थान यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
मंत्री किरण माहेश्वरी के निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय में अपेक्स छात्र संघ एवं संघटक महाविद्यालयों के अतिरिक्त विवि के विभिन्न शैक्षणिक विभागों में केवल कक्षा प्रतिनिधि पद के लिए चुनाव होगा तथा विभागों के अध्यक्ष पद या अन्य पदों के लिए चुनाव नहीं होंगे। साथ ही शैक्षणिक विभागों में संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा मेरिट के आधार पर कमेटी का मनोनयन करेंगे।
इसके अलावा समस्त विवि में एम.फिल, पीएच.डी. आदि के लिए शोध कर रहे विद्यार्थी केवल शोध प्रतिनिधि के पद का ही चुनाव लड़ सकेंगे और इसी के लिए मतदान भी कर सकेंगे। सभी पदों के लिए चुनाव लडने की अधिकतम आयु 25 वर्ष रहेगी। केवल शोध छात्रों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष होगी।
इसके अलावा समस्त विवि में एम.फिल, पीएच.डी. आदि के लिए शोध कर रहे विद्यार्थी केवल शोध प्रतिनिधि के पद का ही चुनाव लड़ सकेंगे और इसी के लिए मतदान भी कर सकेंगे। सभी पदों के लिए चुनाव लडने की अधिकतम आयु 25 वर्ष रहेगी। केवल शोध छात्रों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष होगी।