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बनेंगे आदर्श पुस्तकालय, होगा बहुत कुछ खास
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 21 Mar 2017 02:37 PM IST
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- फोटो : source
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राजस्थान में आदर्श स्कूलों के बाद अब आदर्श पुस्तकालय बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। राजकीय स्कूलों को माडल स्कूल बनाने के बाद अब मॉडल पुस्तकालय बनाने का काम भी शुरू होगा। इन पुस्तकालयों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि इसमें हर आम और खास को अपने स्वाध्याय के लिए परेशान न होना पड़े। सामान्य लोगों के साथ ही दिव्यांगों को भी इनमें किसी तरह की परेशानी न हो, इस बात का ध्यान रखा जाएगा।
सूत्रों की मानें तो शिक्षा राज्य मंत्री की ओर से इस तरह की पहल की जा रही है। जो योजना बन रही है, उसमें आदर्श पुस्तकालयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसकी खास वजह है कि इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के बेहतर माहौल और जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें। प्रदेश में कई जगहों पर चल रहे पुस्तकालयों की तरह औरों को भी आदर्श पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां एक सवाल यह भी उठता है कि इन आदर्श पुस्तकालयों में दिव्यांगों को सुविधाएं दी जाएंगी, तो शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए तो रैम्प समेत अन्य सुविधाएं लगाई जा सकती हैं, लेकिन जहां तक बात नेत्रहीन लोगों की है, उनके लिए ब्रेल सेक्शन बनाया जाना चाहिए। इस तरह के ब्रेल सेक्शन गिने चुने पुस्तकालयों में ही मौजूद हैं।
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चरणबद्ध तरीके से राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से पुस्तकालय अब आदर्श पुस्तकालय के रूप में विकसित होंगे, जिसमें पाठकों के लिए जहां बेहतरीन सुविधा मिलेगी। इसके लिए मंत्री वासुदेव देवनानी ने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं विद्यार्थियों की सामाजिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में कैरियर विकास कार्यक्रमों को शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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सूत्रों की मानें तो शिक्षा राज्य मंत्री की ओर से इस तरह की पहल की जा रही है। जो योजना बन रही है, उसमें आदर्श पुस्तकालयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसकी खास वजह है कि इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के बेहतर माहौल और जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें। प्रदेश में कई जगहों पर चल रहे पुस्तकालयों की तरह औरों को भी आदर्श पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
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यहां एक सवाल यह भी उठता है कि इन आदर्श पुस्तकालयों में दिव्यांगों को सुविधाएं दी जाएंगी, तो शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए तो रैम्प समेत अन्य सुविधाएं लगाई जा सकती हैं, लेकिन जहां तक बात नेत्रहीन लोगों की है, उनके लिए ब्रेल सेक्शन बनाया जाना चाहिए। इस तरह के ब्रेल सेक्शन गिने चुने पुस्तकालयों में ही मौजूद हैं।
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चरणबद्ध तरीके से राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से पुस्तकालय अब आदर्श पुस्तकालय के रूप में विकसित होंगे, जिसमें पाठकों के लिए जहां बेहतरीन सुविधा मिलेगी। इसके लिए मंत्री वासुदेव देवनानी ने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं विद्यार्थियों की सामाजिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में कैरियर विकास कार्यक्रमों को शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।