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विमंदित बिटिया को मंच पर देख पिता हो गया भावुक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 16 Mar 2017 07:46 PM IST
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उमंग में विदाई समारोह में मौजूद विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
कल तक लोग जिस बच्ची को विमंदित कहते थे, उसे मंच पर धन्यवाद भाषण देते देखा तो पिता अपने आसूं चाहकर भी नहीं रोक सके। यह नजारा उमंग संस्थान में बारहवीं के विद्यार्थियों के विदाई समारोह का था। समारोह में छात्रा अलीजा हसन ने धन्यवाद भाषण दिया। उस समय उनके पिता हसन वहीं मौजूद थे। अपनी बिटिया को इस तरह मंच पर बोलते देख वो दंग रह गए।
भावुक होते हुए हसन ने कहा कि इस तरह के खास स्कूल उनकी बेटी को नया आत्मविश्वास प्रदान किया है। वे अत्यंत खुश हैं और यह देखकर आश्चर्यचकित भी हैं कि उनकी बेटी ने धन्यवाद भाषण दिया है। यह उनके लिए अजूबे से कम नहीं है।
समारोह में विदा ले रहे विमंदित व विशेष विद्यार्थिंयों ने स्कूल में बिताए अपने दिनों को याद किया और अपने अनुभव शेयर किए। इस मौके पर छात्र करण सहगल ने बताया कि यह जगह मेरे लिए सैकंड होम है। जिसने उन्हें आत्मविश्वास दिलाया है और स्वतंत्र बनाया है। छात्रा जयति लांबा ने कहा कि उनके टीचर की सहायता व प्रोत्साहन ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। वे आज जो कुछ भी हैं, अपने टीचर की वजह से ही हैं।
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इस मौके पर एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक के. एल. गुप्ता मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ इंटरेक्शन करके उन्हें विशेष बच्चों की क्षमता के बारे में जानने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस विदाई समारोह में इन बच्चों के अभिभावक भी मौजूद थे। एक अन्य स्टूडेंट के अभिभावक ने कहा कि उनके बच्चों को इस स्कूल में बितासया हर दिन याद है। उमंग की निदेशक दीपक कालरा ने कहा कि छात्रों ने सभी क्षेत्रों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके लिए हमें इन बच्चों पर बहुत गर्व है।
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भावुक होते हुए हसन ने कहा कि इस तरह के खास स्कूल उनकी बेटी को नया आत्मविश्वास प्रदान किया है। वे अत्यंत खुश हैं और यह देखकर आश्चर्यचकित भी हैं कि उनकी बेटी ने धन्यवाद भाषण दिया है। यह उनके लिए अजूबे से कम नहीं है।
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समारोह में विदा ले रहे विमंदित व विशेष विद्यार्थिंयों ने स्कूल में बिताए अपने दिनों को याद किया और अपने अनुभव शेयर किए। इस मौके पर छात्र करण सहगल ने बताया कि यह जगह मेरे लिए सैकंड होम है। जिसने उन्हें आत्मविश्वास दिलाया है और स्वतंत्र बनाया है। छात्रा जयति लांबा ने कहा कि उनके टीचर की सहायता व प्रोत्साहन ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। वे आज जो कुछ भी हैं, अपने टीचर की वजह से ही हैं।
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इस मौके पर एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक के. एल. गुप्ता मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ इंटरेक्शन करके उन्हें विशेष बच्चों की क्षमता के बारे में जानने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस विदाई समारोह में इन बच्चों के अभिभावक भी मौजूद थे। एक अन्य स्टूडेंट के अभिभावक ने कहा कि उनके बच्चों को इस स्कूल में बितासया हर दिन याद है। उमंग की निदेशक दीपक कालरा ने कहा कि छात्रों ने सभी क्षेत्रों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके लिए हमें इन बच्चों पर बहुत गर्व है।