फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Working Mechanism for Consultation and Coordination will hold meeting on Thursday 5 things to know

भारत-चीन सीमा मामलों पर डब्ल्यूएमसीसी की बैठक आज, जाने पांच मुख्य बिंदु

Thu, 20 Aug 2020 11:18 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 20 Aug 2020 11:18 AM IST
विज्ञापन
Working Mechanism for Consultation and Coordination will hold meeting on Thursday 5 things to know
लद्दाख की ओर जाते भारतीय सेना के ट्रक (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की गुरुवार को बैठक होनी है। ऐसा तब हो रहा है जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध के क्षेत्रों में यथास्थिति बहाल करने की बीजिंग की अनिच्छा के कारण दोनों पक्षों के वरिष्ठ कमांडरों के बीच सैन्य संवाद अवरुद्ध हो गया।

विज्ञापन

सैन्य कमांडर सेनाओं के पीछे हटने की समय सीमा और विधि निर्धारित करते हैं जबकि डब्ल्यूएमसीसी प्रक्रिया की निगरानी करता है। डब्ल्यूएमसीसी की बैठक के परिणाम इस बात का निर्धारण करेंगे कि सैन्य कमांडर अगली बार कब मिलेंगे। लद्दाख में भारत-चीन सीमा विवाद के बारे में जाने ये पांच मुख्य बिंदु:-

विज्ञापन
  • भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध को शीर्ष स्तर की सैन्य वार्ता के पांच दौर खत्म करने में विफल रहे हैं। भारतीय सेना ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया हुआ है क्योंकि वह पूर्वी लद्दाख में अप्रैल की शुरुआत में यथास्थिति बहाल करने का प्रयास कर रही है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • गतिरोध वाले बिंदुओं पर विशेष रूप से पैंगोंग झील और डेपसांग के मैदानों में चीनी सेना की मौजूदगी भारतीय सेना के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों और कोर कमांडर स्तर की बैठकों के बीच पांच जुलाई को फोन पर हुई बातचीत के बाद बीजिंग ने अभी तक अपना फैसला नहीं दिया है।
  • फिंगर एरिया- आठ चट्टानों के समूह से सेनाओं को पीछे हटाने की प्रक्रिया सबसे मुश्किल है। गलवां घाटी और हॉट स्प्रिंग्स में गतिरोध वाले बिंदुओं पर सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया कुछ आगे बढ़ी है लेकिन गोगरा क्षेत्र में इसकी गति सुस्त बनी हुई है।
  • भारतीय अधिकारियों और चीन के विशेषज्ञों में यह आम सहमति बन रही है कि सैन्य वार्ता से आगे के परिणाम मिलने की संभावना नहीं है और इस मुद्दे के समाधान के लिए राजनीतिक और राजनयिक हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी। वहीं भारतीय सेना ने लद्दाख क्षेत्र में लंबे समय तक रहने की तैयारी कर ली है।
  • एलएसी पर विवादित सीमा पर दोनों सेनाओं के पीछे हटने के बाद ही गतिरोध पूरी तरह से खत्म हो सकता है। लद्दाख क्षेत्र में जमीनी स्थिति अपरिवर्तित बनी हुई है। यहां दोनों सेनाओं ने अपने फॉरवर्ड और गहराई वाले क्षेत्रों में लगभग 100,000 सैनिकों और हथियारों की तैनाती की हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed