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उपलब्धि: टोक्यो ओलंपिक में बजा नारीशक्ति का डंका, पुरुषों के बराबर जीते पदक
Tue, 10 Aug 2021 08:02 AM IST
Jeet Kumar
राजीव शर्मा, नई दिल्ली।
राजीव शर्मा, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 10 Aug 2021 08:02 AM IST
सार
- 49 फीसद भागीदारी रही महिला खिलाड़ियों की, 45.5 रहा पदक जीतने का प्रतिशत
- कनाडा के कुल पदकों में 75 तो अमेरिका के 59 फीसद तमगे महिलाओं ने जीते
- 22 महिला खिलाड़ियों ने 1900 में पहली बार ओलंपिक में लिया था भाग
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ओलंपिक में मैच के दौरान महिला खिलाड़ी...
- फोटो : ANI
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विस्तार
कोरोना के चलते पहली बार खाली स्टेडियमों में हुए ओलंपिक खेलों में महिलाशक्ति ने भी अपनी ताकत का खूब एहसास करवाया। खेलों के 125 साल के इतिहास में पहली बार टोक्यो खेलों में लैंगिक समानता देखने को मिली।
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इन खेलों में महिला (49 फीसद) और पुरुष खिलाड़ियों (51 फीसद) की भागीदारी लगभग समान रही। तो पदक जीतने और रिकॉर्ड बनाने में भी महिला खिलाड़ी पुरुषों के बराबर ही रहीं। टोक्यो में महिलाओं के पदक जीतने का प्रतिशत 45.5 रहा। कनाडा की महिलाओं का जीत प्रतिशत सबसे अधिक रहा।
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पदक तालिका में शीर्ष पर रहा अमेरिका इस मामले में तीसरे तो नीदरलैंड दूसरे नंबर पर रहा। कनाडा के कुल 24 पदकों (7 स्वर्ण, 6 रजत, 11 कांस्य) में से एक तिहाई यानि 75 प्रतिशत महिलाओं ने जीते। अमेरिका के कुल 113 पदकों में (39 स्वर्ण, 41 रजत, 33 कांस्य) करीब 60 प्रतिशत महिलाओं के खाते से आए।
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42.85 योगदान रहा भारतीय बेटियां का
भारत ने इन खेलों में कुल सात पदक जीते जिसमें से तीन बेटियों के नाम रहे हैं। भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रजत तो शटलर पीवी सिंधू को मुक्केबाज लवलीना ने कांस्य पदक जीते। कुल पदकों में बेटियों का प्रतिशत 42.85 रहा जो अब तक का रिकॉर्ड है। लंदन और रियो में बेटियों ने दो-दो पदक जीते थे। इस बार हैट्रिक लगाकर रिकॉर्ड बनाया।
रिकॉर्ड तोड़ने में भी रहीं बराबर : महिला खिलाड़ी विश्व रिकॉर्ड तोड़ने में भी पुरुषों के बराबर रहीं। तैराकी में कुल छह विश्व रिकॉर्ड टूटे जिसमें से तीन महिलाओं ने तोड़े। इसी तरह एथलेटिक्स में भी महिलाओं ने तीन तो साइक्लिंग में भी तीन रिकॉर्ड ध्वस्त किए। कुल 22 विश्व रिकॉर्ड टूटे।
टोक्यो में महिलाओं का प्रदर्शन
देश स्वर्ण रजत कांस्य कुल प्रतिशत
कनाडा 05 05 08 18 75.00
नीदरलैंड 04 04 10 18 60.00
अमेरिका 23 22 21 66 58.41
न्यूजीलैंड 06 03 02 11 55.00
चीन 22 16 09 47 53.41
जापान 14 08 08 30 51.72
ऑस्ट्रेलिया 10 02 09 21 48.82
आरओसी 09 15 08 32 45.07
ब्रिटेन 06 07 10 23 38.38
जर्मनी 04 03 05 12 32.43
एम्मा सात पदक जीतने वाली पहली तैराक
ऑस्ट्रेलिया की महिला तैराक एम्मा मैककॉन ने चार स्वर्ण सहित कुल सात पदक जीतकर कीर्तिमान स्थापित किया। मैककॉन एक ओलंपिक में सात पदक जीतने वाली पहली महिला तैराक और ओवरऑल (सभी खेलों को मिलाकर) दूसरी खिलाड़ी बनीं।
मैककॉन के अलावा सिर्फ सोवियत संघ की जिम्नास्ट मारिया गोरोखोवस्काया ही एक ओलंपिक में सात पदक जीत सकीं हैं। उन्होंने 1952 हेलसिंकी में दो स्वर्ण और पांच रजत पदक जीते थे।
12 व 13 साल की बच्चियों की ऊंची उड़ान
ओलंपिक में पहली बार शामिल किए गए स्केटबोर्डिंग स्पर्धा में 12 और 13 साल की बच्चियों ने पदक जीतकर कमाल कर दिया। जापान की 12 साल 343 दिन की कोकोना हिराकी रजत जीतकर पिछले 85 साल में ओलंपिक में पदक जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनी।
इसी स्पर्धा का कांस्य पदक जीतने वाली स्काई ब्राउन (13 साल 28) ने ब्रिटेन की सबसे युवा पदक विजेता खिलाड़ी बनीं। जापान की मोमिजी निशिया 13 स्वर्ण जीतने सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। ब्राजील की 13 साल की रेसा लील ने रजत जीता।
अमेरिका की सिडनी मैकलाघलिन (51.46 सेकंड) ने 400 बाधा दौड़ में विश्व रिकॉर्ड के साथ चैंपियन बनी। उन्होेंने जून में बनाए गए अपने 51.90 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड में सुधार किया।
महिलाओं की तैराकी स्पर्धा में एकमात्र विश्व रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका की तत्जाना शोमेकर (2:19.95 सेकंड) ने 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में बनाया। उन्होंने डेनमार्क की रिक्के मोलर (2:19.11 सेकंड) का आठ साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। महिलाओं की तैराकी में दो अन्य विश्व रिकॉर्ड टीम स्पर्धा में बने।