अब पिता बनने पर मिल सकती है दोहरी खुशी
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देश भर में महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों को भी दो साल की चाइल्ड केयर छुट्टी देने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद उठी मांग के आधार पर यह प्रस्ताव तैयार किया है। खास बात यह है कि इस प्रस्ताव में सरकारी, राज्यों समेत निजी क्षेत्र की कंपनियों में भी यह लाभ देने की सिफारिश है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम के मुताबिक, बच्चे के लालन -पोषण में मां की नहीं, बल्कि पिता की बराबर की जिम्मेदारी होती है। हालांकि विदेशों की तर्ज पर फिलहाल भारत में मां को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी मिल जाती है, लेकिन पिता को नहीं।
जबकि मां और पिता दोनों की बराबर देखरेख से बच्चों का बेहतर विकास होता है। इसी के चलते पिछले दिनों आयोग ने एक बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों समेत अन्य विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
इस बैठक के दौरान पांच सवाल पूछे गए थे, जिसमें सबकी राय ली गयी। क्या बच्चे की देखभाल के लिए मां और पिता दोनों को जिम्मेदारी है? क्या पुरुष कर्मी को भी बच्चे की देखभाल की छुट्टी मिलनी चाहिए? यदि आपकी राय हां में है तो फिर उन्हें बराबर -बराबर छुट्टी लेनी चाहिए। आखिर में पूछा गया कि सभी मां-पिता को यह लाभ दिया जाना चाहिए।
इन्हीं सवालों के आधार पर मिली राय के आधार पर आयोग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। आयोग ने अपने प्रस्ताव में सिफारिश लिखी है कि मां की तर्ज पर पिता को भी बच्चे की देखभाल की छुट्टी मिलने चाहिए।
बच्चे की अच्छी देखभाल के लिए मां और पिता अपनी छुट्टियां बढ़ा सकते हैं। इसमें प्रावधान किया जाए कि पहले छह महीने मां को छुट्टी मिले और अगले छह महीने पिता को या फिर वे अपनी सुविधा के तहत छुट्टी ले सकते हैं। यदि मां कामकाजी नहीं है, फिर भी पिता को यह छुट्टी दी जानी चाहिए। पुरुषों के लिए यह छुट्टी अनिवार्य श्रेणी में रखी जाए।