{"_id":"58332b5a4f1c1b5701b3a40b","slug":"within-26-hour-another-train-derail-at-jhansi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"झांसी रेल मंडल में 26 घंटे बाद ही दूसरी रेल दुर्घटना, मालगाड़ी बेपटरी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
झांसी रेल मंडल में 26 घंटे बाद ही दूसरी रेल दुर्घटना, मालगाड़ी बेपटरी
अमर उजाला ब्यूरो/ झांसी
Updated Mon, 21 Nov 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेल मंडल झांसी में 26 घंटे बाद ही झांसी रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर दूर दूसरी रेल दुर्घटना हो गई। सोमवार की सुबह पौने पांच बजे एक केबिन के पास एमटी कवर्ड बाक्स मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए। दुर्घटना में तीन ओएचई खंभे भी टूट गए। जिससे चार घंटे तक डाउन ट्रैक की ट्रेनें फंसी रहीं। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कोचों को पटरी पर रखने में सात घंटे का समय लग गया।
रविवार को झांसी रेलवे मंडल के कानपुर देहात में बड़े रेल हादसे के मात्र 26 घंटे बाद ही सोमवार की सुबह 4.46 बजे मदुरई से पंजाब जा रही कवर्ड स्पेशल मालगाड़ी एसी लोको शेड के पास ए केबिन से यार्ड में प्रवेश कर रही थी, तभी गार्ड डिब्बे से पांचवीं व छठीं बोगी पटरी से उतर गई। इनके नंबर 76321200030, 76321300570 अदानी थे। दुर्घटना के कारण पास लगे तीन ओएचई पोल भी चपेट में आ गए, इससे डाउन ट्रैक में बह रहा करंट बंद हो गया। इससे मालगाड़ी के पीछे दौड़ रही ट्रेनें पीछे के स्टेशनों पर खड़ा होना शुरू हो गईं।
सूचना मिलते ही दुर्घटनास्थल पर अधिकारी व कर्मचारियों का पहुंचना शुरू हो गया। सबसे पहले टावर वैगन लेकर पहुंचे कर्मचारियों ने वैगन में फंसे ओएचई तारों को दूर करना शुरू किया। आठ बजे दुर्घटनाग्रस्त वैगनों के पीछे व 8.06 बजे आगे के वैगनों को अलग किया गया। इसके बाद मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल्य सिन्हा की देखरेख में ग्वालियर से आई दुर्घटना राहत गाड़ी की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वैगनों को पटरी पर रखने का काम शुरू किया गया। दोपहर पौने बारह बजे वैगनों को पटरी पर रखने के बाद यातायात को सामान्य कर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं, सुबह नौ बजे अप ट्रैक से डाउन लाइन को एक-एक कर झांसी रेलवे स्टेशन लाने का काम शुरू किया गया। सबसे पहले बिजौली स्टेशन पर खड़ी 12433 राजधानी एक्सप्रेस को झांसी स्टेशन तक लाया गया। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
रविवार को झांसी रेलवे मंडल के कानपुर देहात में बड़े रेल हादसे के मात्र 26 घंटे बाद ही सोमवार की सुबह 4.46 बजे मदुरई से पंजाब जा रही कवर्ड स्पेशल मालगाड़ी एसी लोको शेड के पास ए केबिन से यार्ड में प्रवेश कर रही थी, तभी गार्ड डिब्बे से पांचवीं व छठीं बोगी पटरी से उतर गई। इनके नंबर 76321200030, 76321300570 अदानी थे। दुर्घटना के कारण पास लगे तीन ओएचई पोल भी चपेट में आ गए, इससे डाउन ट्रैक में बह रहा करंट बंद हो गया। इससे मालगाड़ी के पीछे दौड़ रही ट्रेनें पीछे के स्टेशनों पर खड़ा होना शुरू हो गईं।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही दुर्घटनास्थल पर अधिकारी व कर्मचारियों का पहुंचना शुरू हो गया। सबसे पहले टावर वैगन लेकर पहुंचे कर्मचारियों ने वैगन में फंसे ओएचई तारों को दूर करना शुरू किया। आठ बजे दुर्घटनाग्रस्त वैगनों के पीछे व 8.06 बजे आगे के वैगनों को अलग किया गया। इसके बाद मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल्य सिन्हा की देखरेख में ग्वालियर से आई दुर्घटना राहत गाड़ी की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वैगनों को पटरी पर रखने का काम शुरू किया गया। दोपहर पौने बारह बजे वैगनों को पटरी पर रखने के बाद यातायात को सामान्य कर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं, सुबह नौ बजे अप ट्रैक से डाउन लाइन को एक-एक कर झांसी रेलवे स्टेशन लाने का काम शुरू किया गया। सबसे पहले बिजौली स्टेशन पर खड़ी 12433 राजधानी एक्सप्रेस को झांसी स्टेशन तक लाया गया। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह गाड़ियां हुईं विलंबित
यह गाड़ियां हुईं विलंबित
चेन्नई से निजामुद्दीन जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस, नांदेड से अमृतसर जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम से नई दिल्ली जाने वाली केरला एक्सप्रेस, अर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली मंगला एक्सप्रेस, यशवंतपुर चंडीगढ़ एक्सप्रेस, चेन्नई से निजामुद्दीन जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस तीन से पांच घंटे तक लेट रहीं। ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्म पर बैठे यात्रियों का बुरा हाल रहा।
ग्वालियर से मंगाई गई दुर्घटना राहत गाड़ी
रविवार को तड़के पुखरायां व मलासा स्टेशनों के बीच इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के बाद झांसी से दुर्घटना राहत वाहन, मेडिकल वाहन व क्रेन मौके पर भेज दी गई थी। इस कारण सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त वैगनों को पटरी पर रखने का झांसी में कोई इंतजाम नहीं था। इस कारण दुर्घटना राहत गाड़ी ग्वालियर से मंगानी पड़ी।
ओवर स्पीड पटरी से उतर जाते हैं वैगन
ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब ए केबिन से यार्ड में मालगाड़ी को प्रवेश कराते समय वैगन पटरी से उतरे हों। पिछले तीन साल में यह छठवीं दुर्घटना है। यहां लगे कर्व नंबर 34 पर स्पष्ट लिखा कि अधिकतम 15 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ही मालगाड़ी को चलाया जाएगा। मगर, कभी-कभार में ओवर स्पीड में हादसे हो जाते है। हालांकि, अभी सोमवार को दुर्घटना का सही कारण पता नहीं चल सका। दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
चेन्नई से निजामुद्दीन जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस, नांदेड से अमृतसर जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम से नई दिल्ली जाने वाली केरला एक्सप्रेस, अर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली मंगला एक्सप्रेस, यशवंतपुर चंडीगढ़ एक्सप्रेस, चेन्नई से निजामुद्दीन जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस तीन से पांच घंटे तक लेट रहीं। ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्म पर बैठे यात्रियों का बुरा हाल रहा।
ग्वालियर से मंगाई गई दुर्घटना राहत गाड़ी
रविवार को तड़के पुखरायां व मलासा स्टेशनों के बीच इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के बाद झांसी से दुर्घटना राहत वाहन, मेडिकल वाहन व क्रेन मौके पर भेज दी गई थी। इस कारण सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त वैगनों को पटरी पर रखने का झांसी में कोई इंतजाम नहीं था। इस कारण दुर्घटना राहत गाड़ी ग्वालियर से मंगानी पड़ी।
ओवर स्पीड पटरी से उतर जाते हैं वैगन
ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब ए केबिन से यार्ड में मालगाड़ी को प्रवेश कराते समय वैगन पटरी से उतरे हों। पिछले तीन साल में यह छठवीं दुर्घटना है। यहां लगे कर्व नंबर 34 पर स्पष्ट लिखा कि अधिकतम 15 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ही मालगाड़ी को चलाया जाएगा। मगर, कभी-कभार में ओवर स्पीड में हादसे हो जाते है। हालांकि, अभी सोमवार को दुर्घटना का सही कारण पता नहीं चल सका। दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है।