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मानसून सत्र: तीसरे सप्ताह भी राज्यसभा की कार्यवाही नहीं चली पूरी, 27 में से सिर्फ 10 घंटे ही हुआ काम

Sun, 19 Dec 2021 03:16 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Sun, 19 Dec 2021 03:16 PM IST
सार

राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि राज्यसभा की उत्पादकता पहले सप्ताह में 49.70 प्रतिशत और दूसरे सप्ताह में 52.50 प्रतिशत रही। वहीं, तीसरे सप्ताह में सदन 27 घंटे 11 मिनट के कुल निर्धारित समय में से केवल 10 घंटे 14 मिनट के लिए कार्य कर सका है।

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winter session amid opposition ruckus rajya sabhas productivity low of 37 pc in third week
राज्यसभा। - फोटो : ANI

विस्तार

शीतकालीन सत्र में संसद की कार्यवाही लगातार विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ती जा रही है। राज्यसभा में 12 विपक्षी सांसदों के निलंबन वापसी के मुद्दे पर विपक्ष अड़ा हुआ है। विपक्षी दलों के सांसद लगातार हंगामा कर रहे हैं। इससे राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। इस दौरान राज्यसभा में सिर्फ 37.60 प्रतिशत ही काम हो पाया है। शीतकालीन सत्र के तीसरे सप्ताह में तो कार्यवाही निर्धारित समय में से आधे से भी कम चल पाई है। 

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राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि राज्यसभा की उत्पादकता पहले सप्ताह में 49.70 प्रतिशत और दूसरे सप्ताह में 52.50 प्रतिशत रही। वहीं, तीसरे सप्ताह में सदन 27 घंटे 11 मिनट के कुल निर्धारित समय में से केवल 10 घंटे 14 मिनट के लिए कार्य कर सका है।
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सदन की उत्पादकता छह दिनों में 75 प्रतिशत रही
सरकार द्वारा  कृषि कानून वापस लेने वाले बिल के दौरान 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद से विपक्ष लगातार मुखर है। निलंबन के मुद्दे पर व्यवधानों और स्थगन के कारण 62.40 प्रतिशत समय हंगामे की भेंट चढ़ गया। तीन हफ्तों की 15 बैठकों के दौरान सदन ने छह बैठकों के लिए प्रतिदिन एक घंटे से भी कम समय तक कार्य किया। सदन की उत्पादकता छह दिनों में 75 प्रतिशत या उससे अधिक रही है।
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सबसे ज्यादा प्रश्नकाल हुआ प्रभावित
सचिवालय के अनुसार, तीसरे सप्ताह के दौरान सबसे अधिक प्रश्नकाल प्रभावित हुआ, जिसमें संबंधित मंत्रियों द्वारा मौखिक रूप से 75 सूचीबद्ध तारांकित प्रश्नों में से केवल चार प्रश्नों के उत्तर दिए गए। तीसरे सप्ताह के दौरान प्रश्नकाल के लिए उपलब्ध समय का केवल 11.40 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो सका। दूसरी ओर, सप्ताह के दौरान कुल 6 घंटे 25 मिनट की चर्चा के बाद तीन विधेयकों को पारित किया गया। वाणिज्यिक समेत विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के लिए मध्यस्थता विधेयक, 2021 को सोमवार को राज्यसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 

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