शाह पर वरिष्ठ वकील दवे की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसा दोबारा न बोला जाए
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वरिष्ठ वकील दवे ने सुप्रीम कोर्ट में टिप्णी की। वकील ने शीर्ष अदालत में आरोप लगाते हुए यह कहा कि एक व्यक्ति पूरी न्यायपालिका को कंट्रोल कर रहा है। जज लोया मामले में याचिकाकर्ता के वकील का इशारा अमित शाह की ओर था। जज लोया की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग करने वाले याचिकाकर्ता के वकील ने सोमवार को यह आरोप लगाया।
दवे की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई। जस्टिस एएम खानविलकर ने कहा यह बहुत गंभीर और बड़ा आरोप है, ऐसा दोबारा ना बोला जाए।
बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से पेश दवे ने कहा कि जज लोया मामले में जो कुछ हो रहा है, वह परेशान करने वाला है।
दवे ने कहा एक के बाद एक जज को सजा दी जा रही है। पिछले दिनों जज लोया मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट के दूसरे जज के पास भेज दिया गया। दवे ने आगे कहा पहले के जज को मामले से इसलिए दूर कर दिया गया क्योंकि उन्होंने सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आरोप मुक्त किये जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने को लेकर सीबीआई से सवाल किया थे।
इंटेलीजेंस पुलिस पर उठाए सवाल
उन्होंने इसके बाद जस्टिस जयंत एम पटेल के तबादले की बात भी कही। जस्टिस पटेल वही जज हैं जिन्होंने इशरत जहां एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। दवे की इस दलील पर महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ वकील हरीश सालवे, मकुल रोहतगी और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कड़ा ऐतराज जताया।
मेहता ने पीठ से कहा कि जजों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। इस पर दवे ने जवाब देते हुए कहा कि मेहता पिछले 15 साल से अमित शाह के वकील रहे हैं। वह महाराष्ट्र सरकार के वकील साल्वे और और रोहतगी की मदद भी कर रहे हैं। मेहता को इसकी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
साथ ही दवे ने महाराष्ट्र की इंटेलीजेंस पुलिस द्वारा चार जजों के बयान दर्ज कराने को लेकर भी सवाल उठाए। जिसमें चारों जजों ने कहा था कि जज लोया की मौत में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने रिपोर्ट को भी गलत बताया जिस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि याचिका गलत मकसद से दायर की गई है।