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डब्ल्यूएचओ बार-बार दिखा रहा गलत नक्शा, भारत ने तीसरी बार दी चेतावनी-फौरन सुधारें गलती

Thu, 14 Jan 2021 01:55 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 14 Jan 2021 01:55 PM IST
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WHO is showing wrong map again India warns for the third time immediately correct the mistake
डब्ल्यूएचओ के डीजी टेड्रोस एडहोम घेब्रेयस - फोटो : ANI

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानचित्रों में भारत की सीमाओं को बार-बार गलत ढंग से दिखाया जा रहा है। भारत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए तीसरी बार वैश्विक संस्था को चेतावनी दी है। भारत ने डब्ल्यूएचओ के चीफ टेड्रोस एडहानॉम को पत्र लिखकर गलती सुधारने को कहा है।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पत्र में बेहद सख्त लहजे में कहा है कि गलत नक्शे को फौरन सुधार लिया जाए। भारत की तरफ से इस मुद्दे पर पिछले एक महीने में डब्ल्यूएचओ को तीसरी बार यह पत्र लिखा गया है। इससे पहले, दिसंबर में दो बार डब्ल्यूएचओ चीफ को पत्र लिखा जा चुका है। पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के परमानेंट प्रतिनिधि इंद्र मणि पांडेय ने डब्ल्यूएचओ चीफ को इस बारे में जानकारी दी।
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भारत ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के पोर्टल्स पर मौजूद वीडियो और मैप्स में उसकी सीमाओं को ठीक से नहीं दर्शाया जा रहा।आठ जनवरी को डब्ल्यूएचओ चीफ को लिखी चिट्ठी में ने लिखा, ''मैं डब्ल्यूएचओ के अलग-अलग वेब पोर्टल्स पर नक्शों में भारत की सीमाओं को गलत ढंग से दर्शाए जाने पर बेहद नाराजगी जाहिर करता हूं। इस मामले में मैं डब्ल्यूएचओ को भेजे गए हमारे पिछले संदेशों की भी याद दिलाना चाहूंगा, जिनमें हमने इन्हीं गलतियों की बात की थी। मैं आपसे इस मामले में तुरंत दखल देखकर भारत की सीमाओं को गलत ढंग से प्रदर्शित करना बंद करवाने की गुजारिश करता हूं। कृपया सही मानचित्रों का प्रयोग करें।"
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क्या गलत है डब्ल्यूएचओ के नक्शा में 
डब्ल्यूएचओ के नक्शों में जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख को बाकी भारत से अलग शेड में दिखाया गया है। इसके अलावा 5,168 वर्ग किलोमीटर में फैली शक्सगाम घाटी, जिसे पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से चीन के हवाले कर दिया था, उसे चीन का हिस्सा दिखाया गया है। 1954 में चीन ने जिस अक्साई चिन क्षेत्र पर कब्जा किया, उसे नीली स्ट्रिप्स में दिखाया गया है। डब्ल्यूएचओ ऐसे ही रंग में चीनी क्षेत्र को दर्शाता है।


चीन से डब्ल्यूएचओ की सांठ-गांठ के लगते रहे हैं आरोप
भारतीय कानून के तहत देश का गलत नक्शा छापना अपराध है। इसके लिए छह महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 ट्रैकर जिसे दुनियाभर में खूब इस्तेमाल किया जाता है, उसमें गलत नक्शे का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। डब्ल्यूएचओ और चीन के बीच सांठ-गांठ के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में उसकी तरफ से भारत के नक्शे को गलत दिखाना भी संदेह के घेरे में है।

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