लोकसभा चुनावों के मद्देनजर व्हाट्सएप ने की नए फीचर की शुरुआत
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व्हाट्सएप यूजर अब खुद तय कर सकेंगे कि उन्हें किस ग्रुप में शामिल होना है या नहीं। फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग एप ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर यह अहम कदम उठाया है क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफार्म चुनाव अभियान में आम जन तक पहुंच बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा, ‘व्हाट्सएप ग्रुप परिजनों, दोस्तों, सहकर्मियों, सहपाठियों और अन्य लोगों को एक साथ जोड़ने का माध्यम बना रहेगा। लोगों ने अपने अनुभव के आधार पर अधिक नियंत्रण की मांग की थी, जिसे देखते हुए नए फीचर की शुरुआत की गई है। आने वाले हफ्ते में ये दुनिया भर में ये फीचर उपलब्ध होंगे।’
व्हाट्सएप ने नई प्राइवेसी सेटिंग को जोड़ा है, जिसमें इनवाइट सिस्टम यूजर्स की यह तय करने में मदद करेगा कि वह किस ग्रुप से जुड़ना चाहते हैं। इससे पहले यूजर को बिना अनुमति के ही ग्रुप से जोड़ लिया जाता है। इसके लिए यूजर्स को सेटिंग्स में जाकर तीन विकल्पों में से एक को चुनना होगा। ये विकल्प हैं ‘नोबॉडी’, ‘माई कॉन्टैक्ट’ और ‘एवरीवन’। अगर आप नोबॉडी विकल्प को चुनते हैं तो यूजर को ग्रुप में जोड़ने से पहले उसकी स्वीकृति लेनी होगी। माई कॉन्टैक्ट विकल्प चुनने पर केवल वही लोग आपको ग्रुप में जोड़ पाएंगे जो पहले से ही आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में हैं। तीसरे विकल्प में हर कोई आपको ग्रुप में जोड़ सकेगा।
निमंत्रण स्वीकार करने को मिलेंगे तीन दिन
इसके अलावा, एक अन्य फीचर की भी शुरुआत की गई है। अगर कोई आपको किसी ग्रुप से जोड़ता है तो प्राइवेट चैट के जरिये इसका लिंक आपको मिलेगा। यदि आप तीन दिन के भीतर निमंत्रण स्वीकार कर लेते हैं तो आप ग्रुप में शामिल हो जाएंगे। अगर तीन दिन तक निमंत्रण स्वीकार नहीं करते हैं तो यह स्वत: ही खत्म हो जाएगा।