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Baba Siddique: बाबा सिद्दीकी की हत्या के समय क्या कर रही थी Y सिक्योरिटी? सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
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बाबा सिद्दीकी।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
बाबा सिद्दीकी को वाई कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी। उन्हें यह सिक्योरिटी करीब 15 दिन पहले ही मिली थी जब उन्होंने यह शिकायत की थी कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। लेकिन बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद अब तक इस अहम सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है कि हत्या के समय उन्हें मिली वाई सिक्योरिटी क्या कर रही थी? उनकी सुरक्षा में लगे जवानों ने तत्काल क्या कदम उठाया? सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक के बाद विपक्ष राज्य सरकार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहा है।
बाबा सिद्दीकी की हत्या उनके विधायक पुत्र जिशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर ही हुई थी। कहा जा रहा है कि बांद्रा ईस्ट का यह इलाका सिद्दीकी परिवार का गढ़ था और इसे उनके लिए सुरक्षित एरिया के रूप में देखा जाता है। जीशान के कार्यालय में भारी संख्या में उनके अपने करीबी ही मिलने के लिए आते रहते थे और इस कारण जीशान सिद्दीकी के कार्यालय में लगातार काफी भीड़भाड़ रहा करती थी। अपने करीबियों के बीच सिद्दीकी परिवार स्वयं भी इस इलाके में अपने लिए किसी तरह का खतरा नहीं देखता था। संभवतः यही कारण रहा कि जीशान के कार्यालय के बाहर सुरक्षा को लेकर कुछ ढिलाई रखी गई और इसी बीच हमलावरों ने अपने इरादों को अंजाम दे दिया।
विजयादशमी का दिन के कारण हुई गलतफहमी
सूत्रों का दावा है कि हमला करने के लिए हमलावरों ने विजयादशमी का दिन खूब सोच समझकर चुना था। जिस समय बाबा सिद्दीकी पर हमला हुआ, उस समय आसपास के इलाके में बच्चे पटाखे चला रहे थे। विजयादशमी का दिन होने के कारण मुंबई के साथ-साथ पूरे भारत में यह बहुत सामान्य घटना थी। लेकिन इन्हीं पटाखों के शोर में हमलावरों ने जीशान सिद्दीकी के कार्यालय से निकल रहे बाबा सिद्दीकी पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, हमला होने के कुछ देर बाद तक किसी को यह समझ ही नहीं आया कि बाबा सिद्दीकी पर हमला हो चुका है।
सबसे पहले उनकी गाड़ी के ड्राइवर को ही यह समझ आया कि बाबा सिद्दीकी के ऊपर हमला हो चुका है। कार के शीशे पर जिस तरह से गोली चलाई गई थी, उससे भी सबसे पहले ड्राइवर को ही हमले की बात समझ आई। लेकिन जब तक ड्राइवर बाबा सिद्दीकी की सुरक्षा के लिए कुछ कर पाता, या कार को बचाकर किसी सुरक्षित इलाके में ले जा पाता, हमलावरों ने फिल्मी स्टाइल में भीड़-भाड़ का लाभ उठाते हुए उन पर तीन गोलियां दाग दीं।
क्या कर रही थी सिक्योरिटी?
वाई कैटेगरी की सुरक्षा में आमतौर पर सीआईएसएफ के जवान ही तैनात किए जाते हैं। लेकिन अभी तक सीआईएसएफ की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है कि बाबा सिद्दीकी पर हमले के समय उनकी सिक्योरिटी के जवान क्या कर रहे थे। मुंबई पुलिस भी अभी इस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है। माना जा रहा है कि सिक्योरिटी के मामले पर रविवार शाम तक मुंबई पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आ सकता है।
सुरक्षा बढ़ाई गई, टीमें रवाना
चूंकि, बाबा सिद्दीकी पर हमले की जिम्मेदारी लारेंस बिश्नोई गैंग ने ले ली है, अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। इस मामले की जांच में 15 टीमों को लगाया गया है। यूपी, एमपी से लेकर गुजरात तक टीमें बिश्नोई गैंग और इस हमले के तार जोड़ने में जुटी हुई हैं। चूंकि बाबा बिश्नोई की सबसे ज्यादा गहरा संबंध सलमान खान से बताया जाता है और लारेंस बिश्नोई पहले भी सलमान खान को धमकी दे चुका है, सलमान के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
विपक्ष के सवाल
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर पोस्ट कर इसे सरकार की गंभीर लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा है कि इस हत्याकांड के बाद ऐसा लगता है कि मुंबई में एक बार फिर से 80 का दशक आ गया है जहां गैंगवार एक कड़वी सच्चाई हुआ करती थी। उन्होंने सिलसिलेवार कई हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र ने लंबे समय से कानून- व्यवस्था में इस तरह की गंभीर लापरवाही नहीं देखी थी।